नए सत्र के दाखिलों से पहले उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने सभी फॉर्म के प्रारूप बदल दिए हैं। सभी कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वह निर्धारित प्रारूप के हिसाब से ही छात्रों से फॉर्म भरवाएं। अगर किसी ने इससे अलग फॉर्म भरा तो उसे एडमिशन नहीं दिया जाएगा।
आयुर्वेद विवि के कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार मिश्रा की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक पहले से पढ़ रहे छात्रों और इस साल दाखिला लेने वाले छात्रों को निर्धारित प्रवेश आवेदन पत्र और छात्रावास से संबंधित पत्र भरना होगा। इसके बाद ही उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश का मौका दिया जाएगा।
अलग-अलग प्रतियां
छात्र को आवेदन पत्र का प्रारूप और छात्रावास से संबंधित आवेदन पत्र की दो प्रतियां भरनी होंगी। इनमें से एक अपने कॉलेज में जमा कराना होगा जबकि दूसरा विश्वविद्यालय में जमा कराना होगा।
सभी संस्थानों में परिसर निदेशक और प्राचार्यों को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। विवि ने यह परिवर्तन हर कॉलेज में अलग-अलग फॉर्म के प्रारूप होने की वजह से किया है।