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नैक ग्रेडिंग के लिए जमा करवाई सेल्फ स्टडी रिपोर्ट पर सवाल

Sat, 02 Apr 2016 08:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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एचपीयू डीन प्लानिंग ने सभी आरोपों को निराधार है।
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नैक से ग्रेडिंग करवाने और एक ग्रेड लेने के लिए विवि प्रशासन की ओर से की गई कसरत सवालों के घेरे में आ गई है। एसएफआई विवि प्रशासन की ओर से नैक ग्रेडिंग के लिए जमा करवाई सेल्फ स्टडी रिपोर्ट के तथ्यों पर गंभीर सवाल उठाकर इसे पूरी तरह से गुमराह करने वाली और सच्चाई से परे करार दे रही है, वहीं विवि के डीन प्लानिंग अपनी इस रिपोर्ट को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह से निराधार करार दे रहे हैं।
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डीन प्लानिंग ने मीडिया के माध्यम से तमाम आरोपों को गलत करार दिया है, मगर वे एसएफआई की ओर से रिपोर्ट में दिए गए तथ्यों को लेकर उठाए तमाम सवालों के जवाब देने में नाकाम रहे हैं। इस तरह से एसएफआई और विवि प्रशासन इस मामले को लेकर आमने सामने आ गया है। इससे विवि कुलपति और प्रशासन की विवि की ग्रेडिंग दोबारा से करवाकर ए ग्रेड दिलवाने की पूरी योजना और तैयारियों पर संकट मंडराता नजर आ रहा है।

एसएफआई ने बाकायदा वीरवार को विवि में प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट में दिए गए तथ्यों और वास्तविकता से विपरीत दिखाई गई उपलब्धियों को गिनाकर विवि प्रशासन से सवाल किए थे। जिसमें छात्र संगठन ने रिपोर्ट के मुताबिक एचपीयू के विभागों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग उठाई थी। छात्र संगठन के ग्रेडिंग के इस मसले पर उठाए जा रहे सवाल से विवि का ग्रेड बढ़वाने के प्रयासों पर पानी फिरने का खतरा मंडराता नजर आ रहा है।
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बिना क्लास रूम, शिक्षक चल रहे कुछ विभाग तो कैसा ए ग्रेड- एसएफआई की विवि इकाई अध्यक्ष नोबल और सचिव विपिन शर्मा ने कहा कि विवि प्रशासन और डीन प्लानिंग रिपोर्ट पर उठाए सवालों के तथ्यों के साथ जवाब दे। जिस विश्वविद्यालय में शिक्षकों के करीब दो सौ पद रिक्त चल रहे हों, एमफिल, पीएचडी की सीटें न भरी जा पा रही हों, पीएचडी छात्रों को स्कॉलरशिप देने

के बजाय उल्टे फीस वसूली जा रही हो वहां कैसी उपलब्धियां। वर्तमान कुलपति के समय में विवि का स्तर गिरा है। कागजों में रिपोर्ट में सब अच्छा दिखाकर मिला एक ग्रेड उन्हें किसी सूरत में मंजूर नहीं है। कुलपति सौंपी गई इस रिपोर्ट के मुताबिक विवि में सुविधाएं मुहैया करवाएं।

नैक रिपोर्ट संबंधी आरोप बेबुनियाद- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, योजना एवं विकास आचार्य एमएस चौहान ने विवि की ओर से नैक में जमा करवाई सेल्फ  स्टडी रिपोर्ट को तथ्यों पर आधारित बताया और इस संबंध में उठाए सवालों आरोपों को निराधार, बेबुनियाद बताया।

प्रो. चौहान ने विश्वविद्यालय में पिछले पांच वर्षों में शैक्षणिक विकास का दावा करते हुए कहा कि अधिक तर विभागों के छात्र छात्राओं ने अखिल भारतीय स्तर की प्रतिस्पर्धात्मक, प्रशासनिक, यूजीसी की आयोजित नेट सेट परीक्षाओं, राज्य लोक सेवा आयोग, स्लैट की परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने की बात की।

प्रो. चौहान ने कहा कि पूर्व छात्र संघ, शैक्षणिक विभागों के संघ, विश्वविद्यालय से बाहर परामर्श देने को पूल बनाने, विवि के प्रकाशन हिमशिखर, शोध जर्नल को उच्चतर श्रेणी का शोध प्रकाशन बताया है। यूजीसी की ओर से आईआईएचएस के शोध की सराहना किए जाने, सैप कार्यक्रम के तहत विज्ञान संकाय में लगभग सभी विभागों को करोड़ों की राशि मिलना उपलब्धियां हैं।
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