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सिविल सेवा परीक्षा में तीन अतिरिक्त मौके देने की मांग

Sat, 02 Apr 2016 03:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : demo pic
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सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी) में तीन अतिरिक्त मौके देने की मांग को लेकर छात्रों ने डिपार्टमेंट ऑफ परसोनल एंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) मंत्री जितेंद्र सिंह के घर के बाहर विरोध दर्ज करवाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था वर्ष 2015 से सीसैट प्रश्न पत्र को क्वालिफाई तो कर दिया] लेकिन उसका लाभ आगामी वर्षों के उन छात्रों को मिलेगा जोकि परीक्षा में बैठेंगे। छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वर्ष 2016, 2017, 2018 की परीक्षा में वर्ष 2011-2015 तक सीसैट से प्रभावित छात्रों को तीन अतिरिक्त मौके देने की मांग रखी है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
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चार कुशक रोड स्थित जितेंद्र सिंह के घर के बाहर शुक्रवार को प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज करवाने पहुंचे। छात्र अनुराग के मुताबिक, सिविल सेवा परीक्षा में निगवेकर कमेटी की सिफारिशों के बाद वर्ष 2011 से सीसैट प्रश्न पत्र लागू होने से ग्रामीण पृष्ठभूमि के हिंदी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़ आदि भाषाओं के और मानवीकी विषयों के दस लाख से अधिक परीक्षार्थी प्रभावित हुए थे।

इस भेदभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 2015 से सीसैट प्रश्नपत्र को क्वालिफाई तो कर दिया, लेकिन इससे उन अभ्यर्थियों को लाभ होगा, जोकि आगे की परीक्षा में बैठेंगे। जिन अभ्यर्थियों के 2011-2015 के बीच सी-सैट के चलते समय बर्बाद हुआ, उस पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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छात्रों की मांग है कि 2015 की सिविल सेवा परीक्षा में सरकार ने जो एक अतिरिक्त प्रयास का मौका दिया, वह सभी परीक्षार्थियों को मिलना चाहिए। सरकार ने 2012, 2013, 2014, 2015 तक सीसैट परीक्षा से प्रभावित परीक्षार्थियों के लिए कोई न्याय नहीं किया है।
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