छात्राओं ने मांग की है कि जीएनएम से पासआउट छात्राओं को भी परीक्षा व साक्षात्कार में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए।
जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी (जीएनएम) में कोर्स करने वाली छात्राओं के स्टाफ नर्स के पद के लिए आवेदन स्वीकार नहीं हो रहे हैं। स्वास्थ्य महकमे ने मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ नर्स के 200 पद भरने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। लेकिन जीएनएम कोर्स करने वाली छात्राओं के आवेदन स्वीकार नहीं हो रहे हैं। एएनएम और बीएससी नर्सिंग के आवेदन स्वीकार हो रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा बोर्ड हमीरपुर के माध्यम से स्वास्थ्य महकमे इन पदों के लिए भर्तियां कर रहा है। नाहन नर्सिंग कॉलेज से जीएनएम पासआउट छात्राओं संगीता शर्मा, कविता नेगी, मीनाक्षी तोमर और तनु सहित कई अन्य का कहना है कि सरकार ने नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए केवल बीएससी नर्सिंग और एएनएम के लिए ही सीटें आरक्षित की हैं।
ऐसे में जीएनएम कोर्स करने वालों के साथ पक्षपात हुआ है। छात्राओं ने मांग की है कि जीएनएम से पासआउट छात्राओं को भी परीक्षा व साक्षात्कार में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो जीएनएम करने वाली सैकड़ों छात्राओं का भविष्य खराब हो जाएगा। छात्राओं ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर एवं नाहन मेडिकल कालेज की प्रिंसिपल डा. जयश्री शर्मा से मामले को हल करने की मांग की है।
नर्सिंग ट्रेनिंग स्कूल नाहन की प्रधानाचार्या प्रतिभा शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष एएनएम की 20 सीटें कुल्लू नर्सिंग कालेज को तो दी हैं जबकि प्रदेश के सबसे पुराने नाहन नर्सिंग कालेज को यह सीटें नहीं दी र्गइं। यदि नाहन नर्सिंग कालेज को एएनएम की सीटें मिलतीं तो जीएनएम पास करने वाली छात्राएं एएनएम में दाखिला ले लेतीं।
नाहन मेडिकल कॉलेज में जीएनएम की छात्राओं को नियमानुसार बीएससी नर्सिंग में दाखिला नहीं मिल सकता। उधर, स्वास्थ्य निदेशक डा. डीएस गुरुंग ने बताया है कि इस मामले की उन्हें जानकारी नहीं है। विभागीय अधिकारियों से जानकारी जुटाई जाएगी।