पीयू कैंपस में शुक्रवार को हुए गोलीकांड को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। मामले में शामिल छात्रों का दाखिला भी रद्द हो सकता है। पीयू प्रशासन इस मामले को लेकर सोमवार को महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई है। बैठक में कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर से लेकर अन्य दूसरे सभी अधिकारी शामिल होंगे।
समें गोलीकांड को लेकर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। पीयू कैंपस की सिक्योरिटी को लेकर भी नए सिरे से मंथन किया जाएगा। पीयू अधिकारियों के अनुसार बैठक में ऐसी घटना दोबारा नहीं हो इस पर चर्चा की जाएगी। कुलपति ने भी शुक्रवार की घटना के बाद संबंधित अधिकारियों से कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों के अनुसार जुलाई से पहले पीयू करीब 100 नए सिक्योरिटी गार्ड की भर्ती पूरी कर लेगा।
सभी छात्र नेताओं के साथ होगी मीटिंग
पीयू कैंपस में गोलीकांड के बाद पीयू प्रशासन ने कई सख्त नियम बनाने को लेकर सभी छात्र संगठनों की सहमति लेने की तैयारी कर ली है। सोमवार को अधिकारी सभी छात्र संगठनों के नेताओं के साथ इस पर चर्चा करेंगे।
हॉस्टल में बढ़ी सुरक्षा, आउटसाइडर पर नकेल
सोई और पुसू छात्र नेताओं के बीच गोलीबारी की घटना के बाद पीयू प्रशासन ने हॉस्टलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सभी हॉस्टल वार्डन को सभी सीसीटीवी कैमरे ठीक कराने के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने निर्देश दिए हैं। उधर, हॉस्टल वार्डन आउटसाइडर को पकड़ने के लिए शुक्रवार से लगातार चेकिंग कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार आउटसाइडर को पनाह देने वाले हॉस्टलर का कमरा सील करने की तैयारी है। साथ ही ऐसी स्टूडेंट को कभी भी हॉस्टल नहीं दिया जाएगा। हॉस्टल नियमों को भी कड़ा करने को लेकर जल्द मीटिंग होगी।
रैंकिंग पर पड़ेगा असर
पीयू की देश और दुनिया भर की यूनिवर्सिटी में काफी अच्छी रैंकिंग है। लेकिन शुक्रवार पीयू कैंपस में गोलीकांड जैसी घटनाओं से यूनिवर्सिटी की साख को काफी धक्का लगता है। किसी भी स्तर की रैंकिंग में इस तरह की घटनाओं का विपरीत असर पड़ता है। पीयू प्रोफेसर का मानना है कि कैेंपस प्लेसमेंट में भी ऐसी घटनाओं को देखकर कंपनियां अच्छी रूचि नहीं दिखातीं। पीयू के यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूबीएस), यूआईईटी, यूआईसीईटी और फार्मास्यूटिकल विभागों के युवाओं को कंपनियां लाखों के पैकेज ऑफर करती हैं। कंपनियां किसी भी यूनिवर्सिटी कैंपस के माहौल को भी काफी महत्व देती हैं।
डॉ. जितेंद्र ग्रोवर, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर पंजाब यूनिवर्सिटी ने बताया कि शुक्रवार की घटना में पांच छात्र नेताओं पर एफआईआर दर्ज हुई है। मामले की रिपोर्ट पीयू प्रशासन को मिल गई है। सोमवार को इस संबंध में मीटिंग होगी और आरोपी विद्यार्थियों पर कार्रवाई के बारे में फैसला लिया जाएगा। पीयू कैंपस की सिक्योरिटी को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है।