यूएसआईबीसी के सदस्यों के साथ वित्त मंत्री सीतारमण की बैठक
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यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) के सदस्यों और भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच बुधवार को एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता यूएसआईबीसी निशा देसाई बिस्वाल ने की। बैठक में बीमा, निजी इक्विटी, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और फार्मा क्षेत्रों के सीईओ और व्यापारिक नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान यूएसआईबीसी के सदस्यों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार की जमकर तारीफ की। अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने इस बैठक को संबोधित किया। दरअसल, निर्मला सीतारमण आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के मौके पर आयोजित जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में हिस्सा लेने अमेरिका गई हुई हैं।
यूएसआईबीसी के सदस्यों ने वित्त मंत्री की तारीफ में पढ़े कसीदे
वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक, व्यापार जगत के नेताओं ने भविष्य के विकास के लिए विजन निर्धारित करने के लिए वित्त मंत्री सीतारमण को धन्यवाद दिया और भारत सरकार को कोरोना महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए बधाई दी। बयान के मुताबिक, व्यापारिक नेताओं ने भारत में अपने निवेश को बढ़ाने में गहरी दिलचस्पी दिखाई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में भाग लेने वालों में एमवे के सीईओ मिलिंद पंत, जनरल एटॉमिक्स ग्लोबल कॉर्पोरेशन के मुख्य कार्यकारी विवेक लाल, टेलुरियन के अध्यक्ष और सीईओ क्टेवियो सिमोस, सिनक्लेयर ब्रॉडकास्टिंग ग्रुप के अध्यक्ष और सीईओ क्रिस रिप्ले और सेफसी ग्रुप के अध्यक्ष एस वी अंचन शामिल थे।
वित्त मंत्री ने मंगलवार को भी अमेरिका के बड़े निवेशकों व व्यापारियों से मुलाकात की थी
इससे पहले अमेरिका दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बोस्टन में अमेरिका के बड़े निवेशकों व कारोबारयों से मुलाकात की थी। इस दौरान भारत में निवेश के मौकों और सुधारों को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान सीतारमण ने निवेशकों को नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन (एनएमपी) योजना के बारे में बताया। बैठक के बाद बेन कैपिटल के सह-प्रबंधक जॉन कनॉटन ने कहा कि वे भारत जारी आर्थिक सुधार से उत्साहित हैं और निवेश गतिविधियों में तेजी लाना चाहते हैं। वहीं, कंपनी के सह-अध्यक्ष, स्टीफन पग्लुका ने कहा कि बेन कैपिटल पहले ही भारत में पांच अरब डालर का निवेश कर चुकी है। आने वाले एक दशक में भारत व अमेरिका मिलकर व्यापक आर्थिक तरक्की कर सकते हैं।