कोरोना से बचाव के लिए भारत की पहली स्वदेशी कोवाक्सिन लगाने वालों के लिए राहत की खबर है। जल्द ही यह वैक्सीन लेने वाले लोग विदेश यात्रा पर जा सकेंगे, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कुछ सप्ताह में वैक्सीन को मान्यता प्रदान कर सकता है।
डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सितंबर में कोवाक्सिन डब्ल्यूएचओ की सूची में शामिल हो सकती है। डब्ल्यूएचओ की सूची में आने के बाद कोवाक्सिन लगवा चुके लोग किसी भी देश की यात्रा कर सकते हैं। उन्हें वहां जाकर फिर से टीका लगवाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
जरूरत पड़ी तो भारत सरकार मदद करेगी
उधर स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक वैक्सीन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करने में करीब चार से पांच सप्ताह का वक्त लगता है क्योंकि डब्ल्यूएचओ ही दो से तीन सप्ताह समीक्षा के लिए लेता है। उन्होंने कहा, अगर जरुरत पड़ती है तो सरकार अपने स्तर पर इसमें सहयोग कर सकती है।