फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरबीआई: गवर्नर शक्तिकांत दास ने दिलाया भरोसा, कहा- विकास दर में स्थिरता आने तक कम रहेंगी ब्याज दरें

Sat, 16 Oct 2021 01:24 AM IST
Kuldeep Singh बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक के साथ सालाना बैठक में शक्तिकांत दास ने कहा कि विकास दर में स्थिरता आने तक ब्याज दरें कम रहेंगी। अर्थव्यवस्था अब कोरोना के दबाव से काफी हद तक बाहर निकल चुकी और तेज सुधार की राह पर है।
विज्ञापन
गवर्नर शक्तिकांत दास - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महंगाई के दबाव में ब्याज दरें बढ़ाए जाने के कयासों पर विराम लगाते हुए आरबीआई गवर्नर ने मौद्रिक नीतियों पर नरम रुख बनाए रखने का भरोसा दिलाया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक के साथ सालाना बैठक में उन्होंने कहा कि विकास दर में स्थिरता आने तक ब्याज दरें कम रहेंगी। 

विज्ञापन


आईएमएफ के साथ बैठक में रिजर्व बैंक के गवर्नर ने दिलाया भरोसा 
गवर्नर शक्तिकांत दास ने दावा किया कि अर्थव्यवस्था अब कोरोना के दबाव से काफी हद तक बाहर निकल चुकी और तेज सुधार की राह पर है। बावजूद इसके अभी कई क्षेत्रों पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में मौद्रिक नीतियों का नरम रुख आगे भी बरकरार रखने की जरूरत है। दास ने बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा कि हम इस पर करीबी निगाह बनाए हुए हैं।

4 फीसदी पर डेढ़ साल से स्थिर है नीतिगत ब्याज दर
खुदरा महंगाई का हमारे नीतिगत फैसलों पर काफी असर पड़ता है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से खुदरा महंगाई दर में गिरावट आ रही, जो सितंबर में घटकर 5.3 फीसदी हो गया है। बावजूद इसके कुछ समय तक मौद्रिक नीतियों और ब्याज दरों को नरम रखने की जरूरत है। अभी रेपो दर 4 फीसदी है, जो मार्च 2020 के बाद से बनी हुई है। 
विज्ञापन


भारत ने महामारी में भी रखी सतत विकास की आधारशिला : सीतारमण
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने न सिर्फ इस संक्रमण पर अकेले काबू पाया, बल्कि दुनिया को भी लड़ाई में सहारा दिया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आईएमएफ और विश्व बैंक के साथ सालाना बैठक में कहा, महामारी के दबाव में भी भारत सरकार ने कई सुधारवादी फैसलों से सतत विकास की आधारशिला रखी है। 

9.5 फीसदी विकास दर अनुमान लगाया है आईएमएफ ने 2021 में
उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने आर्थिक मदद के साथ ढांचागत सुधारों पर भी जोर दिया। इससे नए अवसर पैदा होने के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और हम तेजी से सुधार की राह पर आ गए। भारत ने कोविड से लड़ने में दुनियाभर की मदद की और 95 देशों को 6.63 करोड़ वैक्सीन की डोज का निर्यात किया।

आईएमएफ ने भी 2021 में 9.5 फीसदी और 2022 में 8.5 फीसदी की तेज विकास दर का अनुमान लगाया है। सुधारों के दम पर ही भारत ने पिछले एक साल में 82 अरब डॉलर का रिकॉर्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें