इस सप्ताह आयकर रिटर्न भरने का आखिरी महीना शुरू हो रहा है। नौकरीपेशा हो या पेशेवर टैक्स बचाने की हर कोई जुगत कर रहा है। वेतनभोगियों को तीन ऐसे रास्तों से टैक्स छूट मिलती है, जो ज्यादा प्रचलित नहीं हैं। कर रियायत के ये छुपे रास्ते कौन से हैं और इनका लाभ कैसे उठाया जा सकता है, पूरा गणित बताती प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट-
नोट : यह छूट नौकरी की जगह और नियोक्ता के नियमों के अधीन होगी।
गिफ्ट : आपके दिए पैसों से पत्नी को हुई कमाई
वैसे तो आपकी तरफ से पत्नी को दी गई रकम तोहफा मानी जाती है और इस पर टैक्स नहीं लगता। लेकिन, अगर उसने यह राशि शेयर बाजार या अन्य किसी विकल्प में निवेश कर उस पर रिटर्न कमाया है, तो टैक्स की देनदारी और नियम बदल जाएंगे। आयकर की धारा 64 के तहत तोहफे में पैसे देने वाले को यह राशि अपनी कमाई में शामिल करना होगा, जिस पर देनदारी बनती है तो स्लैब के हिसाब से कर का भुगतान भी करना पड़ेगा। दूसरी ओर, पत्नी को इन पैसों से मिलने वाला रिटर्न अगर कर छूट के तय दायरे से ऊपर होगा तो उसे भी आयकर रिटर्न भरना पड़ेगा और टैक्स भी चुकाना पड़ सकता है।
जल्दबाजी में न करें गलत दावे
आयकर रिटर्न भरते समय यह ध्यान रखें कि आपके पास टैक्स छूट के दावों के पर्याप्त दस्तावेज होने चाहिए। अगर विभाग एसेसमेंट के समय आपसे संबंधित दस्तावेज मांगता है और आप नहीं दे पाते, तो जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। रिटर्न सावधानी से भरें और गलत दावों से दूर रहें। -एके निगम, निदेशक बीपीएन फिनकैप