पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक बार फिर से नकदी की किल्लत होने लगी है। इन राज्यों में शहरी इलाकों में तो कुछ स्थिति ठीक भी है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में तो बैंक से भी पर्याप्त मात्रा में नकदी नहीं मिल पा रही है। हालांकि यह हालत एसबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में ही ज्यादा देखने को मिली रही है, निजी क्षेत्र के बैंकों में दिक्कत नहीं दिखती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एसबीआई की एक करेंसी चेस्ट शाखा के अधिकारी का कहना है कि उनके यहां रोज नकदी निकासी को लेकर ग्राहकों और प्रबंधन के बीच जोर-आजमाइश होती है।
ग्राहक ज्यादा पैसा निकालना चाहते हैं, जबकि बैंक प्रबंधन सभी ग्राहकों की दुहाई देकर थोड़ा बहुत रकम देकर काम चला रहे हैं। उनका कहना है कि रिजर्व बैंक की तरफ से पर्याप्त नकदी नहीं मिलने की वजह से ऐसी स्थिति बनी है।
हालांकि केन्द्रीय वित्त मंत्रालय का कहना है कि इस समय देशभर में स्थिति सामान्य है। यदि कहीं कोई दिक्कत होगी तो उसे ठीक किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में भी यही हालत है। वहां स्टेट बैंक की एक ग्रामीण शाखा में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि उनके यहां बीते 13 मार्च को नोटों की आपूर्ति हुई थी, उसके बाद नौ अप्रैल को नोट आए हैं। 26 दिन के बाद नोट आते हैं वह भी पांच-छह लाख। ऐसे में कैसेे काम चलेगा क्योंकि गांवों में तो अधिकतर ग्राहक नोट निकालने ही आते हैं, जमा करने कम ही आते हैं।
बिहार के मुंगेर, भागलपुर और झारखंड के गोड्डा, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ समेत कई जिलों में भी नकदी की कमी की वजह से अधिकतर एटीएम खाली होने की खबरें आ रही हैं।