नोटबंदी के तीन साल हो चुके हैं। इन तीन सालों में सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रचलन में चल रहे सभी नोटों का लुक और डिजाइन बदल दिया है। इससे पहले की तुलना में नोट छोटे हो गए हैं। आरबीआई ने कहा है कि नए नोटों का साइज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गया है। नोट काफी रंग-बिरंगे हो गए हैं।
नोटबंदी के वक्त सरकार ने पुराने 500 और 1000 के नोट बदलकर 2000 और 500 रुपये का नया नोट जारी किया था। इन नए नोटों का आकार पहले चल रहे नोटों की तुलना में काफी कम था। सभी नोटों में एक खास बात यह देखने को मिली, कि इनकी चौड़ाई तो एक समान है, लेकिन लंबाई में मूल्य के हिसाब से अंतर रखा गया है। इसके अलावा आरबीआई ने 200 रुपये का नया नोट जारी किया।
जहां 2000 का नोट सबसे ज्यादा लंबा है वहीं 10 रुपये के नए नोट की लंबाई सबसे ज्यादा छोटी है। आरबीआई और सरकार ने 2000 और 500 के नोट बंद किए, लेकिन पहले से चल रहे 100, 50, 20 और 10 रुपये के नोट को बंद नहीं किया। यह नोट अभी भी पहले की तरह चल रहे हैं।
इन नोटों पर छपे हैं यह स्मारक
2000 रुपये के नए नोट के पिछले भाग पर मंगलयान की तस्वीर छापी गयी है। विशेष तौर पर इसे भारत के मार्स मिशन के नाम से जाना जाता है।
500 रुपये की नई नोट पर भारत के सबसे प्रचलित स्मारक लाल किले की तस्वीर छापी गयी है। प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर ध्वज फहराते हैं और देश की जनता को संबोधित करते हैं।
200 रुपये के नोट के पीछे छपा सांची स्तूप मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है। जिसका निर्माण महान सम्राट अशोक के कार्यकाल में हुआ था। सांची का स्तूप भारत की सबसे प्राचीन संरचनाओं में से एक है।
50 रुपये के नोट के पीछे हंपी मंदिर का चित्र बना है। ये मंदिर कर्नाटक की तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित है। हंपी मंदिर पत्थर से बना रथ वास्तुकला का अद्भुत नमूना है, जो रथ के आकार में है।
10 रुपये के नए नोट पर 13 वी शताब्दी में निर्मित भगवान सूर्य का चक्र के साथ 24 पहियों वाले रथ पर सवार सात घोड़ों का चित्र छपा है। जिसे सूर्य मंदिर के नाम से जाना जाता है और यह ओडिशा के कोणार्क में स्थित है।
सबसे आखिर में आया 20 रुपये का नोट
आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद 20 रुपये का नया नोट इसी साल अगस्त में जारी किया गया था। ये सातवीं नई करेंसी है। अब तक 10, 50, 100, 200, 500 और 2000 रुपये के नए नोट जारी किए जा चुके हैं। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च, 2016 तक देश में 20 रुपये के 492 करोड़ नोट चलन में थे। मार्च 2018 में इनकी संख्या बढ़कर 1000 करोड़ हो गई। तब देश के कुल नोटों में 20 रुपये के नोट 9.8 फीसदी थे।
10 रुपये का एक नोट छापने पर 70 पैसे की लागत
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मिली जानकारी के अनुसार, 10 रुपये के एक नोट की छपाई में 70 पैसे खर्च होते हैं, जबकि 2,000 रुपये का एक नोट 4.18 रुपये में छपता है। लेकिन दोनों नोटों के मूल्य में भारी फर्क है। इसके अलावा नोटों की छपाई वाले कागजों की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।
पहले 10 रुपये मूल्य का एक नोट 40 पैसे में छपता था, जो अब 70 पैसे में छपता है। इस कारण भी छोटे नोटों की छपाई का खर्च बड़े नोटों की छपाई के मुकाबले बढ़ रहा है। सरकार ने एक, दो और पांच रुपये के नोट समय रहते इसलिए बंद कर दिए थे क्योंकि उनके छपाई का खर्च लगातार बढ़ रहा था। एक समय ऐसा भी आया, जब एक रुपये के नोट की छपाई उसके मूल्य से ज्यादा हो गई।
प्रति हजार बड़े नोटों की छपाई पर अधिक खर्च
| नोट |
छपाई खर्च (रुपये में) |
| 10 रुपये |
700 |
| 20 रुपये |
850 |
| 50 रुपये |
830 |
| 100 रुपये |
1,500 |
| 200 रुपये |
2,240 |
| 500 रुपये |
2,390 |
| 2,000 रुपये |
4,180 |
(आरटीआई के तहत आरबीआई से दिसंबर 2018 में मिली जानकारी के अनुसार)