भारत बांड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के दूसरे चरण को तीन गुना से अधिक अभिदान मिला है और इसने करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। भारत बांड ईटीएफ 14 जुलाई को खुला था और यह शुक्रवार को बंद हुआ।
निर्गम का मूल आकार 3,000 करोड़ रुपये का था। इसमें 11,000 करोड़ रुपये का ग्रीन-शू विकल्प भी था। इस तरह निर्गम का कुल आकार 14,000 करोड़ रुपये है।
निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने ट्वीट कर कहा कि, 'भारत बांड ईटीएफ के दूसरे चरण को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इसे तीन गुना से अधिक अभिदान मिला। इसमें करीब 10,000 रुपये जुटे हैं।' उन्होंने कहा कि अभी इसका अंतिम आंकड़ा आना है।
तीन साल और 10 साल है निश्चित परिपक्वता
इसे सोमवार को जारी किया जाएगा। भारत बांड ईटीएफ की निश्चित परिपक्वता तीन साल और 10 साल हैं। दिसंबर, 2019 में इसके पहले चरण में 12,400 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। अभी ईटीएफ सिर्फ ट्रिपल ए रेटिंग वाले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बांड में निवेश करता है।
इस स्कीम के जरिए छोटी और लंबी दोनों अवधियों के निवेशकों को ध्यान में रखा गया है। लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले निवेशक दस साल के लिए इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं। दस साल के तहत ईटीएफ की मैच्योरिटी 2031 में खत्म होगी। वहीं छोटी अवधि वालों के लिए ईटीएफ की मैच्योरिटी 2025 यानी कि पांच साल में खत्म हो जाएगी।
इस स्कीम का 25 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित किया हुआ है और बाकी बचा 75 फीसदी हिस्सा रिटायरमेंट फंड्स, क्यूआईबी और गैर संस्थागत निवेशकों के लिए उपलब्ध है। बता दें कि ये देश का पहला कॉरपोरेट डेट ईटीएफ है। इसकी शुरुआत निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग और डिजाइन और प्रबंधन एडलवेइस एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने किया है।