अब तक वित्तीय जानकारों का कहना था कि कोरोना काल में ऐसे विकल्पों में निवेश करें, जहां पैसा सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न मिलता रहे। कोरोना के दौरान बैंक एफडी में निवेश पर कई जानकारों की सलाह निवेश करने की ही थी लेकिन अब महंगाई दर ज्यादा हो जाने से बैंक एफडी भी उतनी फायदेमंद नहीं रही हैं।
ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि अब खुदरा महंगाई दर और टैक्स की वजह से एफडी पर मिलने वाला ब्याज का फायदा खत्म हो रहा है। जून के महीने में खुदरा महंगाई दर 6.09 फीसदी दर्ज की गई लेकिन मौजूदा रेपो रेट चार फीसदी ही रही। सामान्य तौर पर होता ऐसा है कि रेपो रेट महंगाई दर के आसपास रहती है और वित्तीय संस्थान ज्यादा दर पर ब्याज की पेशकश करते हैं।
लेकिन अब रेपो रेट खुदरा महंगाई दर से दो फीसदी कम है यानि कि बैंक की ओर से एफडी पर दिया जाने वाला ब्याज महंगाई दर से काफी कम है। जानकारों की मानना है कि 6.09 फीसदी की महंगाई पर निवेशकों की क्रय शक्ति को बरकरार रखने के लिए कर मुक्त व्यक्ति को इसी दर से ब्याज मिलना चाहिए। यानि कि जो व्यक्ति 20 फीसदी और 30 फीसदी के टैक्स स्लैब में आते हैं, उन्हें 7.61 फीसदी और 8.7 फीसदी ब्याज देने की जरूरत है।
कौन-सा बैंक एफडी पर कितना ब्याज दे रहा है?
पांच-दस साल की एफडी सामान्य नागरिक वरिष्ठ नागरिक
एसबीआई 5.4 फीसदी 6.2 फीसदी
एचडीएफसी बैंक 5.5 फीसदी 6.25 फीसदी
आईसीआईसीआई बैंक 5.5 फीसदी 6.3 फीसदी
ज्यादा ब्याज के लिए निवेशकों के पास कुछ विकल्प बचे हुए हैं। जानकारों का कहना है कि अगर निवेश करना है तो इस समय कॉरपोरेट एफडी में पैसा लगा सकते हैं। यहां सात से आठ फीसदी का ब्याज मिलता है। इसके अलावा भारत बॉन्ड ईटीएफ अच्छा विकल्प है, यहां 5.69 फीसदी और 6.9 फीसदी का ब्याज मिल रहा है।
इसके अलावा डेट म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं, डेट फंड एएए रेटेड बॉन्ड में अपना पैसा लगाते हैं। टैक्स कटने के बाद मिलने वाली रिटर्न की तुलना करें तो यह फंड कहीं अच्छी रिटर्न देते हैं।