मलयेशिया एयरलाइंस को पट्टे पर देने वालों ने यदि नवीनतम पुनर्गठन योजना के खिलाफ कोई फैसला लिया तो उसे बंद करना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक एयरलाइन के मूल समूह के मुख्य कार्यकारी को शनिवार को यह जानकारी दी।
समाचार एजेंसी ने शुक्रवार को सूचना दी कि पट्टे पर देने वाली कंपनियों के एक समूह ने पुनर्गठन योजना को खारिज कर दिया है, जिससे इस सरकारी विमानन कंपनी का भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा है।
मलयेशिया एविएशन ग्रुप (एमएजी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इजहाम इस्माइल ने कहा कि अगर पुनर्गठन योजना के खिलाफ निर्णय लिया जाता है तो समूह के पास "इसे बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं" होगा।
इजहाम ने द एज साप्ताहिक के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "ऐसे लेनदार हैं जो पहले से सहमत हैं। कुछ अन्य हैं जो अभी भी विरोध कर रहे हैं, और एक अन्य समूह अभी भी 50:50 पर है यानी कुछ तय नहीं कर पाया है।"
उन्होंने कहा, "मैं 50:50 वालों को (बोर्ड पर) उन लोगों के साथ लाना चाहता हूं, जिन्होंने सहमति व्यक्त की है। मैं समझता हूं कि लेनदारों की एक बड़ी संख्या सहमत है।"
इजहाम ने कहा कि एयरलाइन की बैलेंस शीट को फिर से पुनर्गठित करने की योजना थी, जिससे 2023 तक ब्रेक-ईवन हासिल किया जा सके यानि नुकसान को शून्य किया जा सके। इस लक्ष्य को हासिल करने के पीछे विचार यह है कि 2022 की दूसरी और तीसरी तिमाही में घरेलू और दक्षिण पूर्व एशियाई बाजारों में मांग 2019 के स्तर पर लौट आएगा।
योजना के तहत कंपनी को अगले 18 महीनों तक मदद करने के लिए एयरलाइन के शेयरधारक, राज्य कोष खजाना नैशनल से एक नकदी देने की आवश्यकता होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक एमएजी ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक लंदन की एक कानूनी फर्म के पत्र और मामले से परिचित लोगों के अनुसार, एयरलाइन समूह को पट्टे पर दिए गए हवाई जहाजों और इंजनों के 70 फीसदी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वालों ने योजना को "अनुचित और घातक रूप से त्रुटिपूर्ण" कहा है और इसे चुनौती देने का वादा किया है।
एमएजी ने पट्टे पर देने वालों को पहले चेतावनी दी थी कि पुनर्गठन की योजना नाकाम होने पर 'खजाना' समूह को वित्त पोषण करना बंद कर देगा और इसे बंद करने की प्रक्रिया के लिए मजबूर करेगा।
इजहाम ने कहा कि पट्टे पर देने वालों को 11 अक्तूबर तक कोई निर्णय ले लेना होगा, ताकि एयरलाइन यह तय कर सके कि उसे अपनी पुनर्गठन योजना के साथ आगे बढ़ना है या "प्लान बी को लागू करे"।
इजहाम ने कहा कि प्लान बी में एक अलग नाम के तहत मलयेशिया एयरलाइंस के एयर ऑपरेटर के सर्टिफिकेट (एओसी) को एक अलग एयरलाइन में स्थानांतरित किया जा सकता है, या सहायक एयरलाइंस फायरफ्लाई और एमएस्विंग्स के एओसी में लीवरेजिंग की जा सकती है।
उन्होंने कहा, "यदि आप मुझसे पूछें, तो क्या प्लान बी विश्वसनीय है? निश्चित रूप से यह है। हमारे पास सभी कौशल हैं।"