कोरोना काल में देश के बाजार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब धीरे-धीरे बाजारों ने गति पकड़नी शुरू कर दी है। त्योहारों के सीजन में यह समझना जरूरी है कि हम कैसे सही मार्केटिंग करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक आकर्षित हो सकें। कोरोना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन लागू किया गया था, जिसमें खुदरा व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। लेकिन विभिन्न मार्केटिंग और संचार रणनीतियों का उपयोग करते हुए ग्राहकों के विश्वास को प्रोत्साहित करने से और उत्पादों व सेवाओं को सुदृढ़ करने से ग्राहकों को दोबारा जीता जा सकता है।
इसके मद्देनजर अमर उजाला ने अपनी लीडरशिप सीरीज के तहत 10 अक्तूबर 2020 को शाम चार बजे एक वेबिनार का आयोजन किया। इसमें उद्योग जगत के जाने माने विशेषज्ञ शामिल हुए और उन्होंने खुदरा विक्रेताओं व ग्राहकों को अपनी राय दी। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन का फायदा कैसे उठाया जाए। आइए जानते हैं क्या है बाजार के बारे में विशेषज्ञों की राय।
सेफ्टी, स्टॉकिंग और सप्लाई चेन का फॉर्मूला होगा लाभदायक: अखिलेश सिंह
अमर उजाला के वेबिनार में रेड चीफ शूज के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) अखिलेश सिंह ने बताया कि इस समय सकारात्मकता बेहद जरूरी है। त्योहारों से पहले अब लोगों ने घर से निकलना शुरू कर दिया है। इसलिए ज्यादा लाभ उठाने के लिए हमें सप्लाई चेन दुरुस्त करनी होगी और पर्याप्त स्टॉक रखना होगा, ताकि मांग बढ़ने पर हम उत्पाद मुहैया करा सकें।
इस महीने बिक्री बढ़ी है और अच्छे ऑर्डर्स आ रहे हैं, जिससे लग रहा है कि दिवाली अच्छी होगी। वितरकों को पहले से उत्पाद तैयार रखने होंगे और डीलर्स को भी पहले से तैयार रहना होगा। इससे मैन्युफैक्चरिंग भी आसानी से होगी। इसके साथ ही अपनी सेफ्टी का ध्यान रखना भी जरूरी है। विज्ञापन के जरिए ग्राहकों को यह बताना होगा कि हम सुरक्षा के सभी कदम उठा रहे हैं। इससे ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा। इससे आपकी बिक्री बढ़ेगी। ग्राहकों के साथ कनेक्टिविटी बनानी भी जरूरी है। डिजिटल माध्यम से ग्राहकों से संपर्क किया जा सकता है। हमें हर स्तर पर पूरी तैयारी करनी होगी।
यानी ट्रिपल एस (सेफ्टी, स्टॉकिंग और सप्लाई चेन) का फॉर्मूला लाभदायक होगा। डीलरों के ग्राहकों के साथ पुराने रिश्ते हैं। वे अपने नए एप बनाकर या अपना एक कैटलॉग बनाकर ज्यादा ग्राहकों के संपर्क में आ सकते हैं। हम ग्राहकों के लिए इकोनॉमिक रेंज लॉन्च करने जा रहे हैं क्योंकि कोरोना काल में हमें कीमत पर भी ध्यान देना होगा।
उद्योग का अर्थ है मेहनत करना और कारोबार करना: भगीरथ जालान
कार्यक्रम में जालान रिटेल के प्रबंध निदेशक भगीरथ जालान ने भी संकट के समय को अवसर में बदलने के लिए अपनी राय दी। उन्हेंने बयाता कि उद्योग का अर्थ होता है मेहनत करना और कारोबार करना। जो उद्योगपति मेहनती होने के साथ-साथ कारोबार करेगा, वो कभी दरिद्र नहीं होगा। आने वाला समय अच्छा है। त्योहारी सीजन में बाजारों में भीड़ बढ़ेगी, जिसको हमें नियंत्रित करना होगा क्योंकि हमें संकट के इस समय में सोशल डिस्टेंसिंग रखनी है। हमें पूरा स्टॉक रखना चाहिए।
कारोबार में 80-20 का फॉर्मूला होता है, जो कहता है कि 20 फीसदी उत्पाद ऐसे होते हैं जो आपको 80 फीसदी सेल देते हैं। वहीं 80 फीसदी उत्पाद ऐसे होते हैं, जो आपको 20 फीसदी सेल देते हैं। ये 20 फीसदी उत्पाद, जो ज्यादा बिकते हैं, रिटेलर्स को इनका स्टॉक पूरा रखना चाहिए।
संस्कृत का एक श्लोक है- 'संघे शक्ति कलियुगे' यानी कलयुग में एकता में ही सारी शक्ति छुपी हुई है। इसलिए सरकार, कारोबारी, ग्राहकों और सबको साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।
जो जीरो है वहीं आगे बढ़ेगा: केके श्रीवास्तव
अमर उजाला के वेबिनार में पहली पीढ़ी के उद्यमी और केके सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के केके श्रीवास्तव ने बताया कि हमें सबसे पहले स्टॉकिंग पर ध्यान देना होगा और ग्राहकों को बताना होगा कि हमारे स्टोर्स पूरी तरह से सैनिटाइज्ड हैं। व्यापार में सबसे बड़ी बात है कि, 'मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।' आप हार के कुछ नहीं कर सकते हैं, आपको जीतना ही होगा। मेरी लाइफ का एक नियम है कि जो जीरो है वहीं आगे बढ़ेगा क्योंकि उसके अंदर चीजों को तोड़कर अपनी क्षमता अनुसार आगे बढ़ने की ताकत होती है। मीडिया में विज्ञापन देकर हमें ग्राहकों को आकर्षित करना होगा। साथ ही ग्राहकों को यह भी बताने की जरूरत है कि हमारे स्टोर्स सैनिटाइज्ड हैं। डिस्ट्रिब्यूटर्स को भी हम ये ही बोलते हैं कि जो माल पहले दे गया, वो जीत गया।
व्यापार में चीजों का सरलीकरण जरूरी है। ग्राहक चाहे कितना भी मोलभाव करें, वो हमेशा मासूम होते हैं। युवाओं की सलाह सुनकर अपने कारोबार को बढ़ाएं।
हमें अग्रेसिव मार्केटिंग करने की जरूरत है: संतोष कुमार अग्रवाल
वेबिनार में तीसरी पीढ़ी के ज्वेलर और हरे कृष्ण ज्वेलर्स के निदेशक संतोष कुमार अग्रवाल ने भी हिस्सा लिया। संतोष कुमार अग्रवाल ने मार्केटिंग के संदर्भ में कहा कि दिसंबर से पहले हम जितनी मार्केटिंग कर लेंगे, हमारे लिए उतना अच्छा है। हमें अग्रेसिव मार्केटिंग करनी है और स्टॉक का ध्यान रखना है। त्योहारी सीजन में कारोबार के लिए हमें अपनी तयारी पूरी रखनी होगी। पूरी प्लानिंग के साथ चलेंगे तो हमें जरूर सफलता मिलेगी।
हमें ग्राहकों की सेवा करनी है। उन्हे संतुष्टि देनी जरूरी है। सभी रिटेल स्टोर्स को ग्राहकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं और मान-सम्मान देना होगा। इससे ग्राहकों के साथ हमारा संबंध बेहतर होगा।
विपत्ति के समय से मिली सीख को लेकर आगे चलें: विक्रांत सचदेव
मदान रिटेलर्स के पार्टनर विक्रांत सचदेव ने भी अपनी राय साझा की और बताया कि ग्रोथ प्लानिंग का सेंटर हमेशा ग्राहक होता है। हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हम कैसे अपने ग्राहकों को बेहतर सर्विस दे सकते हैं, कैसे उन्हें खरीदारी का अच्छा अनुभव देना है और कैसे उन्हें संतुष्ट करना है। इसलिए बिजनेस गतिविधियां ग्राहकों की संतुष्टि और उनके साथ संबंध पर निर्भर करती हैं। ऐसा करने पर बिक्री बढ़ेगी।
कोरोना वायरस के समय में ग्राहकों ने घर पर रहना ज्यादा पसंद किया। ऐसे में रिटेलर्स की मांग को ध्यान में रखते हुए डिजिटली उन्हें अपने उत्पादों के बारे में बताएं और फिर उन्हें कॉन्टेक्टलेस होम डिलीवरी दें। भुगतान के लिए भी ग्राहकों को डिजिटल विकल्प दें। इन बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बदलते हुए ग्राहक व्यवहार को नजरअंदाज करने से रिटेलर आगे नहीं बढ़ पाएंगे। हमने अपनी विपत्ति के समय से मिली सीख को आगे लेकर चलना चाहिए। मुद्दा यह है कि हम ग्राहकों को क्या वैल्यू दे रहे हैं। भारतीय रिटेल क्षेत्र असंगठित है, जो हमारे लिए एक चुनौती है।
हमने क्विकसेल (Quicksell) एप के जरिए अपने पूरे शोरूम को ऑनलाइन कर दिया है। इस एप के जरिए आप कुछ मिनटों में अपने उत्पादों का बढ़िया सा कैटलॉग बना सकते हैं, जिसका लिंक आप ग्राहकों को भेज सकते हैं। हमें अपने शहरों में डिजिटल उपस्थिति मजबूत करनी होगी। फिजिकल स्टोर हमारा आधार है, लेकिन आज की मांग को ध्यान में रखते हुए हमें डिजिटल के माध्यम से भी आगे बढ़ना होगा।