मंत्रालय ने 30 अक्तूबर को एक अधिसूचना में कहा, कंपनी (संशोधन) अधिनियम, 2020 (2020 का 29) की धारा 1 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार इसके द्वारा अक्तूबर 2023 के 30वें दिन को उस तारीख के रूप में निर्धारित करती है जिस दिन इस अधिनियम की धारा पांच के प्रावधान लागू होंगे।
धारा पांच सार्वजनिक कंपनियों के कुछ वर्गों को अनुमति प्राप्त विदेशी न्यायक्षेत्रों या ऐसे अन्य न्यायक्षेत्रों में अनुमत स्टॉक एक्सचेंजों पर अपनी प्रतिभूतियों को सूचीबद्ध करने की अनुमति देता है। इससे पहले 13 अक्तूबर को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा था कि मंत्रालय कंपियों की विदेशी शेयर बाजार में सीधे सूचीबद्ध करने के लिए नियम तैयार करने के लिए संभावित पात्रता मानदंड सहिंत विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रहा है।
वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते शनिवार को कहा था कि सरकार ने घरेलू कंपनियों को विदेश में सूचीबद्ध होने की अनुमति देने का फैसला किया है, ताकि उन्हें वैश्विक बाजारों से पूंजी हासिल करने में मदद मिल सके। मई 2020 में कोविड राहत पैकेज के हिस्से के रूप में इस कदम की घोषणा की गई थी।
लॉ फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर और हेड (कैपिटल मार्केट्स) यश अशर ने कहा, 'कंपनी कानून अब भारतीय कंपनियों को अपने शेयरों को अन्य विशिष्ट अधिकार क्षेत्रों में सूचीबद्ध कराने की अनुमति देता है। ऐसा करने के लिए फेमा सहित अन्य नियमों में बदलाव की आवश्यकता होगी। नियामकीय चिंताओं को पर्याप्त रूप से दूर किए जाने के बाद कुछ कंपनियां आईएनएक्स पर अपने इक्विटी शेयरों को आईएफएससी में सूचीबद्ध कराने पर भी विचार कर सकती हैं।
लैपटॉप आयात के लिए 110 आवेदनों को सरकार ने मंजूरी दी
सरकार ने लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य आईटी हार्डवेयर उत्पादों के आयात की मंजूरी के लिए अब तक मिले 111 आवेदनों में से लगभग 110 को मंजूरी दे दी है। आयात की मंजूरी पाने वाली कंपनियों में डेल इंटरनेशनल सर्विसेज इंडिया, एपीएल इंडिया, एचपी इंडिया सेल्स प्राइवेट लिमिटेड, लेनोवो (इंडिया), आसुस इंडिया, आईबीएम इंडिया, सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स, शाओमी टेक्नोलॉजी इंडिया, सिस्को कॉमर्स इंडिया, सीमेंस लिमिटेड और बॉश लिमिटेड शामिल हैं।
दरअसल, सरकार ने पिछले महीने लैपटॉप और पर्सनल कंप्यूटर के आयात पर लगी पाबंदियों में बदलाव किया था। इसके बाद आयातक मात्रा और मूल्य का विवरण देने पर मंजूरी लेकर विदेशों से आईटी हार्डवेयर का आयात कर सकते हैं।
पीएम गति शक्ति: 23,500 करोड़ की चार परियोजनाओं को मंजूरी के लिए भेजा
पीएम गति शक्ति पहल के तहत 23,500 करोड़ रुपये की सड़क और रेलवे की चार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी के लिए अनुशंसित किया गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि इन परियोजनाओं का मूल्यांकन 17 अक्तूबर को 58वीं नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की बैठक में किया गया। बैठक की अध्यक्षता उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) सुमिता डावरा ने की।