वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के एक साल पूरा होने की पूर्व संध्या पर प्रेस कांफ्रेस करते हुए कहा कि इसका विरोध और लूट बताने वाले यह बताएं कि 2जी और CWG क्या था।
जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद कई लोग नोटबंदी को हर मर्ज की दवा मानने लगे थे, लेकिन ऐसा नहीं है। हां इससे कई समस्याओं का निदान हुआ है जो अर्थव्यवस्था को खाए जा रही थीं।
An anti-black money drive is a moral step, loot toh vo hoti hai jo 2G, CWG mein huyi, coal block allocation mein huyi: FM Jaitley
— ANI (@ANI) November 7, 2017
#Demonetisation was a watershed moment for the Indian economy: FM Arun Jaitley pic.twitter.com/UMy13yO82E
— ANI (@ANI) November 7, 2017
- एक साल पहले 8 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा करके पूरी दुनिया को चौंका दिया था।
- 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद कर दिया था। जेटली ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के भविष्य को बदलना उस वक्त अनिवार्य था। नवंबर 2016 से पहले देश में कैश का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा था।
- भारत को कैश करेंसी वाला देश माना जाता था। इस वजह से टैक्स की चोरी भी बहुत होती थी। नोटबंदी एक अभूतपूर्व घटना थी। इससे भष्ट्राचार समाप्त हो जाएगा ऐसा माना जा रहा है।
- जीडीपी में 12.2 फीसदी कैश का हिस्सा था। इस एक साल में सरकार ने कई तरह के निर्णय लिए थे। बेनामी कानून, काला धन कानून जैसे कई फैसले लिए गए।नोटबंदी ने एजेंडा बदल दिया और कैश इकोनॉमी से लेस कैश इकोनॉमी की तरफ हम बढ़े हैं।
#Demonetisation one off solution hai aur isse saari samasyaien khatam ho jayengi aisa nahi hai,lekin isse agenda badla hai: FM Jaitley
— ANI (@ANI) November 7, 2017
- डिजिटल ट्रांजेक्शन ज्यादा होने लगे हैं। टेरर फंडिंग पर रोक लगी है। लोगों ने बैंक में अपना सारा पैसा जमा कर दिया , जो कि एक अच्छी बात है। इससे ऐसे लोग भी सामने आए हैं, जो पहले बैंकों में पैसा जमा नहीं करते थे, जिनको अब टैक्स अथॉरिटी के सामने सवालों का जवाब देना पड़ रह है। टैक्स के दायरे में ज्यादा लोग आए हैं।
Terror funding was squeezed because of #Demonetisation, shell companies also being easily identified: FM Jaitley pic.twitter.com/e4270jiQVQ
— ANI (@ANI) November 7, 2017