वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में तेजी के साथ निर्यात के मोर्चे पर भी लगातार बढ़त मिल रही है। अक्तूबर में देश का निर्यात रिकॉर्ड 35.65 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल से 43 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, आयात में भी 62%तेजी दिखी जिससे व्यापार घाटा बढ़कर 19.73 अरब डॉलर पहुंच गया।
वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों, कॉफी, इंजीनियरिंग उत्पाद, कपास के धागे और वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, रसायन-प्लास्टिक और समुद्री उत्पादों के निर्यात में तेजी से एतिहासिक बढ़त मिली। इससे पहले जुलाई में सबसे ज्यादा 35.43 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था।
हालांकि, अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ घरेलू खपत भी लगातार बढ़ रही है, जिससे आयात में भी इजाफा हुआ। अक्तूबर में कुल 55.37 अरब डॉलर का आयात हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 62.51% ज्यादा है।
निर्यात की तुलना में आयात ज्यादा होने से व्यापार घाटा 19.73 अरब डॉलर पहुंच गया। मंत्रालय ने बताया कि चालू वित्तवर्ष में अप्रैल से अक्तूबर तक कुल 233.54 अरब डॉलर का निर्यात हुआ है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 55.13 फीसदी ज्यादा है। आयात भी पिछले साल से 78.16% बढ़कर 331.39 अरब डॉलर रहा।
कच्चे तेल के आयात में ढाई गुना इजाफा
अक्तूबर में सबसे ज्यादा आयात कच्चे तेल का बढ़ा है, जो पिछले साल के 6 अरब डॉलर से बढ़कर 14.43 अरब डॉलर पहुंच गया। इसके बाद साने का आयात भी दोगुना बढ़कर 5.1 अरब डॉलर हो गया। निर्यात के मोर्चे पर सबसे ज्यादा भागीदारी इंजीनियरिंग उत्पादों की रही। अक्तूबर के कुल निर्यात में 28.19 फीसदी हिस्सा इंजीनियरिंग उत्पादों का रहा, जो सालाना आधार पर 51 फीसदी बढ़ा है। रत्न एवं आभूषण का निर्यात 44.24% बढ़ा है।
2021-22 में निर्यात
| अप्रैल |
30.63 |
| मई |
32.27 |
| जून |
32.50 |
| जुलाई |
35.43 |
| अगस्त |
33.28 |
| सितंबर |
33.79 |
(नोट : आंकड़े अरब डॉलर में)