पंजाब नेशनल बैंक की अगुवाई वाली पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस और कार्लाइल समूह के बीच 4,000 करोड़ के सौदे पर बाजार नियामक सेबी ने रोक लगा दी है। सेबी ने कंपनी के शेयरधारकों की वोटिंग पर रोक लगाते हुए कहा कि स्वतंत्र रूप से शेयरों का मूल्यांकन कराने के बाद ही हिस्सेदारी बेचने पर फैसला होगा।
सौदे के तहत पीएनबी हाउसिंग चार हजार करोड़ रुपये मूल्य के 8.21 लाख शेयर कार्लाइल ग्रुप को देगा, जिस पर वोटिंग के जरिए 22 जून को फैसला होना था। इससे पहले सेबी ने पत्र भेजकर सौदा रोकने को कहा है। सेबी ने यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की है, जिसमें कहा गया कि सौदे के तहत पीएनबी हाउसिंग के छोटे निवेशकों की अनदेखी की गई।
सेबी ने दो टूक कहा है कि यह सौदा कंपनी के आंतरिक संविधान के बाहर है। लिहाजा जब तक स्वतंत्र रूप से शेयरों का मूल्यांकन नहीं हो जाता, सौदा पूरा नहीं हो सकता है। इस सौदे के जरिए पीएनबी की हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में हिस्सेदारी घटकर 20.3 फीसदी रह जाएगी, जबकि कार्लाइल ग्रुप के पास 50.16 फीसदी हिस्सेदारी होगी।
क्या है आपत्ति?
पीएनबी प्रमोटेड प्रवर्तित कंपनी पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने कहा कि उसे इस बारे में सेबी का पत्र 18 जून को मिला है। सेबी ने कंपनी से इस मामले में कानूनी प्रावधानों का अनुपालन करने को कहा है। सेबी के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जे एन गुप्ता की अगुवाई वाले हितधारक अधिकारिता सेवाएं (एसईएस) ने इस डील पर आपत्ति जताई थी। उसका कहना है कि इस डील में पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के माइनोरिटी शेयरहोल्डर्स के हितों की अनदेखी की गई है। एसईएस का मानना है कि यह डील कंपनी के संस्था के अंतर्नियम (एओए) के प्रावधानों के मुताबिक नहीं हुई है।
हालांकि पीएनबी हाउसिंग ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि प्रीफेरेंशियल इश्यू की कीमत सेबी के नियमों और दिशानिर्देशों के मुताबिक है। कंपनी ने कहा कि कार्लाइल के साथ प्रस्तावित डील के बाद भी पीएनबी प्रमोटर बना रहेगा। 31 मई को प्राइवेट इक्विटी फर्म कार्लाइल ग्रुप की अगुवाई वाले निवेशकों के एक ग्रुप ने पीएनबी हाउसिंग में 4,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। इसके तहत कार्लाइल ग्रुप की कंपनी प्लूटो इनवेस्टमेंट्स तरजीही शेयरों के आवंटन के जरिए कंपनी में 3,185 करोड़ रुपये निवेश करेगी।