रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी ने पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक (5,39,238 करोड़ रुपये) का समेकित कारोबार किया। वहीं, कंपनी का कुल मूल्य 5.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक (5,87,999 करोड़ रुपये) रहा। कंपनी ने इस वित्त वर्ष में 53,739 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो, खुदरा और तेल-रसायन व्यवसायों की वृद्धि योजनाओं को समर्थन देने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के बही-खाते अधिक नकदी के साथ अब मजबूत स्थिति में हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि उसने वित्त वर्ष 2020-21 में 75,000 से अधिक नौकरियां सृजित की हैं। कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुए व्यवधानों के बावजूद 50,000 से अधिक फ्रेशर्स को काम पर रखा है।
कंपनी ने कहा कि रिलायंस भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की नियोक्ता कंपनी है। इसके दो लाख 30 हजार से अधिक कर्मचारी विभिन्न व्यवसायिक शाखाओं में काम कर रहे हैं। कंपनी ने कहा कि रिलायंस रिटेल उसकी नौकरी प्रदान करने वाली सबसे बड़ी कंपनी रही, जिसमें 65,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
कंपनी ने कहा कि उसने कोविड-19 महामारी से उपजी अनिश्चितता के बीच अपने कर्मचारियों की शारीरिक और मानसिक देखभाल सुनिश्चित करने के लिए कई पहल की हैं, जिसके परिणाम स्वरूप वर्ष के लिए उसकी ओर से प्रदर्शित आंकड़ों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में आधे से भी कम हो गई है।
कंपनी ने एक वर्ष में 50 हजार के करीब फ्रेशर को रोजगार दिया है। इसके तहत आईआईएम, एक्सएलआरआई, आईएसबी, आईआईटी, एनआईटी, बीआईटीएस और आईसीएआई जैसे संस्थानों के अभ्यर्थियों को रोजगार दिया गया है। कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में उसका शुद्ध लाभ 34.8 फीसदी बढ़कर 53,739 करोड़ रुपये रहा। हालांकि इस दौरान उसका टर्नओवर 18.3 फीसदी घटकर 5.39 लाख करोड़ हो गया।
कंपनी के प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए सीएमडी मुकेश अंबानी ने कहा कि आरआईएल ने महामारी के कारण अभूतपूर्व चुनौतियों के बावजूद व्यवसायों में अपनी विकास योजनाओं पर अमल करना जारी रखा। आरआईएल द्वारा धन जुटाने को लेकर अंबानी ने कहा कि मजबूत परिचालन नकदी प्रवाह और अब तक की सबसे बड़ी पूंजी वृद्धि ने कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत किया है, जिससे कंपनी को निर्धारित समय से पहले अपनी शुद्ध-ऋण शून्य प्रतिबद्धता को पूरा करने में सक्षम बनाया गया है।
वित्त वर्ष 2021 के दौरान जियो प्लेटफॉर्म और रिलायंस रिटेल ने फेसबुक और गूगल सहित रणनीतिक और वित्तीय निवेशकों से क्रमशः 1,52,056 करोड़ रुपये और 47,265 करोड़ रुपये जुटाए हैं। जबकि ऑयल कंपनी बीपी ईंधन खुदरा कारोबार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 7,629 करोड़ रुपये का निवेश किया है। अंबानी ने कहा कि रिलायंस के पास उच्च तरलता के साथ एक मजबूत बैलेंस शीट है जो तीन हाइपर-ग्रोथ इंजनों- जियो, रिटेल और ओ2सी (तेल से रसायन) व्यवसाय के लिए अपनी विकास योजनाओं का समर्थन करेगी।