पीरामल एंटरप्राइजेज ने कर्ज बोझ में दबी आवास वित्त पोषण सेवा कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) को 38,050 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। इसे पीरामल एंटरप्राइजेज ने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के रास्ते होने वाला वित्तीय क्षेत्र का पहला सफल समाधान बताया है और यह मूल्य के संदर्भ में सबसे बड़े रेजोल्यूशन में से एक कहा।
38,050 करोड़ रुपये में से कंपनी 34,250 करोड़ रुपये की पेमेंट नकद और नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स के जरिए करेगी। वहीं 3,800 करोड़ रुपये रेजोल्यूशन प्लान के तहत लेनदारों के अधिकार के रूप में दिए जाएंगे।
RBI, CCI और NCLT ने दी मंजूरी
पीरामल एंटरप्राइजेज के रेजोल्यूशन प्लान के पक्ष में डीएचएफल के 94 फीसदी लेनदारों ने वोट दिया। इसके साथ ही इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI), और राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) की भी मंजूरी मिली। पीरामल एंटरप्राइजेज ने कहा कि कंपनी के करीब 70 हजार लेनदार हैं। इनमें से ज्यादातर लंबित बकाया का लगभग 46 फीसदी वसूल कर लेंगे।
PCHFL होगा नई इकाई का नाम
पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस (PCHFL) और डीएचएफएल का विलय कर एक इकाई बनाई जाएगी जिसका नाम पीसीएचएफएल होगा। कंपनी ने एक बयान में कहा कि पीरामल एंटरप्राइजेज के स्वामित्व वाली यह इकाई देश की प्रमुख हाउसिंग फाइनेंस फर्मों में से एक होगी। वह कंपनी जो किफायती वित्तपोषण पर ध्यान केंद्रित करेगी, उसके पास 10 लाख से अधिक आजीवन ग्राहकों तक पहुंच होगी। पीसीएचएफएल 24 राज्यों में 301 शाखाओं और 2,338 कर्मचारियों के नेटवर्क के साथ मौजूद रहेगा।