जल्द ही एक बड़ी मोबाइल टावर कंपनी अस्तित्व में आएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय इंफ्राटेल और इंडस टावर के विलय की प्रक्रिया पूरी हो गई है। शेयर बाजार को दी गई सूचना के मुताबिक, विलय के तहत वोडाफोन आइडिया को इंडस टावर में 11.15 फीसदी हिस्सेदारी के एवज में 3,760.1 करोड़ रुपये नकद मिले हैं। नई कंपनी के प्रवर्तक के रूप में वोडाफोन समूह की हिस्सेदारी 28.12 फीसदी होगी, जबकि एयरटेल समूह की हिस्सेदारी करीब 36.7 फीसदी होगी।
इस संदर्भ में भारती इंफ्राटेल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि, 'निदेशक मंडल ने 10-10 रुपये के 757,821,804 इक्विटी शेयर वोडाफोन समूह तथा 10-10 रुपये के 87,506,900 इक्विटी शेयर पीएस एशिया होल्डिंग इनवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) लिमिटेड (प्रोविडेंस) को आवंटित किए जो क्रमश: 28.12 फीसदी और 3.25 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं।'
विमल दयाल होंगे कंपनी के सीईओ
कंपनी ने कहा कि इंडस और इंफ्राटेल के विलय की प्रक्रिया पूरी हो गई है। विलय के बाद अस्तित्व में आई कंपनी के प्रबंधक निदेशक और सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) विमल दयाल होंगे। उनकी नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। कंपनी शेयरधारकों की मंजूरी लेने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
इंडस टावर लिमिटेड होगा नई कंपनी का नाम
नई कंपनी का नाम इंडस टावर लिमिटेड होगा। भारती इंफ्राटेल के अनुसार, 'कंपनी के नाम में बदलाव कंपनी कानून, 2013 के तहत सभी सांविधिक जरूरतों को पूरा करने पर निर्भर है।' प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस बारे में सूचना शेयर बाजारों को दी जाएगी।