भारती एयरटेल का कारोबार फिलहाल दुनिया के 18 देशों में फैला हुआ है। सरकार की मंजूरी के बाद देश की सबसे पुरानी निजी क्षेत्र की यह दूरसंचार कंपनी एक विदेशी इकाई बन सकती है। 24 साल पहले 7 जुलाई 1995 को सुनील भारती मित्तल ने एयरटेल की सबसे पहले शुरुआत दिल्ली में की थी। कंपनी फिलहाल मोबाइल टेलीकॉम के अलावा फिक्सड लाइन, ब्रॉडबैंड, सैटेलाइट टीवी, डिजिटल टीवी, आईपीटीवी जैसे कारोबार कर रही है। मंगलवार को कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में 508.35 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ था।
भारती टेलीकॉम ने सिंगापुर की सिंगटेल और अन्य विदेशी कंपनियों से 4,900 करोड़ रुपये के निवेश के लिए सरकार से अनुमति मांगी थी। सरकार की मंजूरी के बाद देश की सबसे पुरानी निजी क्षेत्र की यह दूरसंचार कंपनी एक विदेशी इकाई बन सकती है। रती टेलीकॉम, भारती एयरटेल की प्रोमोटर कंपनी है।
100 फीसदी एफडीआई मंजूरी से भारती टेलीकॉम में विदेशी हिस्सेदारी बढ़कर 50 फीसदी से अधिक हो जाएगी, जिससे यह एक विदेशी स्वामित्व वाली इकाई बन जाएगी। वर्तमान में सुनील भारती मित्तल और उनके परिवार की भारती टेलीकॉम में करीब 52 फीसदी हिस्सेदारी है। भारती टेलीकॉम की भारती एयरटेल में करीब 41 फीसदी हिस्सेदारी है। सूत्र ने कहा कि भारती टेलीकॉम ने कंपनी में 4,900 करोड़ रुपये के निवेश के लिए आवेदन किया है।
इसमें सिंगटेल और कुछ अन्य विदेशी निवेशकों की ओर से होने वाला निवेश शामिल है। इसके साथ ही भारती टेलीकॉम विदेशी इकाई बन जाएगी क्योंकि इसकी ज्यादा हिस्सेदारी विदेशी निवेशकों के पास होगी। दूरसंचार विभाग द्वारा इसी महीने इस निवेश को मंजूरी देने की उम्मीद है।