आज अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आज के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) संचालित प्रणाली पर मनुष्यों से ज्यादा भरोसा है। 'युवा-प्रेरित रिकवरी प्लान' के तहत भारत सहित अन्य देशों से 20 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया। इन्होंने समाज, सरकार और व्यवसाय पर अपने विचार साझा किए।
सर्वेक्षण के अनुसार, युवा लोगों का मानना है कि राजनीति में एक गंभीर संकट है, खासकर जलवायु परिवर्तन नीतियों और आय की असमानता को लेकर। रिपोर्ट में कहा गया है कि, 'भ्रष्टाचार और पुराना राजनीतिक नेतृत्व युवा लोगों के लिए तत्काल प्राथमिकता बन गई है।'
युवा लोगों के मनुष्यों की तुलना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा संचालित प्रणाली पर ज्यादा भरोसा होने की संभावना है। समाधान के रूप में, उन्होंने उन कार्यक्रमों में अधिक निवेश का सुझाव दिया जो युवा 'प्रगतिशील आवाजों' को सरकारों में शामिल होने और प्रभावशाली नीति-निर्माता बनने में मदद करे।
वित्तीय भविष्य को लेकर चिंतित हैं युवा
रिपोर्ट में पाया गया कि 2008 के वित्तीय संकट के प्रभावों से और स्थिर आय का सामना करने वाले युवाओं को अब भी यह विश्वास नहीं हो रहा है कि वे अपने माता-पिता की तुलना में बेहतर जीवन स्तर का आनंद लेंगे। युवा अपने वित्तीय भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। वे सामाजिक सुरक्षा के लिए 500 लाख डॉलर से अधिक की संपत्ति पर वैश्विक संपत्ति कर लगाने के पक्ष में हैं और कठोर उपायों से बचना चाहते हैं जो युवाओं और कामकाजी गरीबों पर भारी बोझ डालते हैं।
दावोस लैब सर्वेक्षण ने दिखाया गया कि शारीरिक सुरक्षा युवा लोगों के बीच सबसे बड़ी चिंता है। अधिकांश युवा लोगों के मन में जो चिंताएं हैं, उनमें जलवायु परिवर्तन को भी उच्च स्थान दिया गया है। रिपोर्ट में एक और तथ्य यह है कि, हालांकि युवा लोग इंटरनेट का काफी उपयोग करते हैं, लेकिन वे इसके दुरुपयोग को लेकर भी चिंतित हैं।