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UPI ट्रांजेक्शन: जून में आई तगड़ी तेजी, लेकिन फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

Fri, 02 Jul 2021 11:33 AM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एनपीसीआई का यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस कई बैंक खातों को एक अकेले मोबाइल एप्लेकिशन से जोड़कर वित्तीय लेन-देन में मदद करता है।
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UPI transactions June 2021 - फोटो : twitter
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विस्तार
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कोरोना काल में भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दे रहे हैं। भारत में लोग डिजिटल लेनदेन के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी (UPI) का काफी इस्तेमाल करते हैं। यूपीआई की मदद से होने वाला डिजिटल लेन-देन इस साल जून में मासिक आधार पर 11.6 फीसदी की वृद्धि के साथ 5.47 लाख करोड़ रुपये हो गया। मई, 2021 में यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए 4.91 लाख करोड़ रुपये का लेन-दन हुआ था। संख्या के लिहाज से जून 2021 में करीब 2.80 अरब (280 करोड़) लेनदेन हुए, जो अब तक का रिकॉर्ड है। मई में यह संख्या 2.53 अरब (253 करोड़) थी।

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भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) देश में खुदरा भुगतान एवं निपटान प्रणालियों के कामकाज के लिए एक समग्र संगठन है। यह रिजर्व बैंक और इंडियन बैंक्स एसोसियेशन (आईबीए) की एक पहल है जिसका उद्देश्य भारत में एक मजबूत भुगतान एवं निपटान ढांचे का निर्माण करना है। एनपीसीआई का यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस कई बैंक खातों को एक अकेले मोबाइल एप्लेकिशन से जोड़कर वित्तीय लेन-देन में मदद करता है।

क्या है यूपीआई?
यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस एक अंतर बैंक फंड ट्रांसफर की सुविधा है, जिसके जरिए स्मार्टफोन पर फोन नंबर और वर्चुअल आईडी की मदद से पेमेंट की जा सकती है। यह इंटरनेट बैंक फंड ट्रांसफर के मकैनिज्म पर आधारित है। एनपीसीआई के द्वारा इस सिस्टम को कंट्रोल किया जाता है। यूजर्स यूपीआई से चंद मिनटों में ही घर बैठे ही पेमेंट के साथ मनी ट्रांसफर करते हैं।
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कितना सुरक्षित है यूपीआई?
लेकिन सवाल ये है कि यूपीआई आखिर कितना सुरक्षित है। डिजिटल लेनदेन ग्राहकों के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ उनके लिए खतरा भी है। देश में तकनीक के बढ़ने के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रही है। हैकर्स आम लोगों को ठगने के लिए रोज नए-नए तरीकों का उपयोग कर रहे हैं। आए दिन साइबर क्राइम की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें लोगों के खातों से लाखों रुपये उड़ा लिए जाते हैं। इसलिए हम आपको सुरक्षित लेनदेन के लिए कुछ जरूरी बात बताने जा रहे हैं, जिनके माध्यम से आप धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकत हैं।

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सुरक्षित एप्लिकेशन पर ही करें यूपीआई पिन का इस्तेमाल
नुकसान पहुंचाने वाले एप्लीकेशन आपके फोन के माध्यम से आपकी निजी जानकारी का पता लगा सकते हैं। इसमें भुगतान से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। आपको ऐसी एप्लीकेशन से बचना चाहिए। अपने यूपीआई पिन को संभाल कर रखें क्योंकि इससे फ्रॉड हो सकता है। सावधानी के लिए भीम यूपीआई जैसे सुरक्षित एप्लिकेशन पर ही यूपीआई पिन का इस्तेमाल करें। अगर किसी वेबसाइट या फॉर्म में यूपीआई पिन डालने के लिए लिंक दिया गया हो, तो उससे बचें। 

सिर्फ पैसे भेजने के लिए डालें यूपीआई पिन
लेनदेन करते समय एक बात का खास ध्यान रखें कि आपसे यूपीआई पिन डालने के लिए सिर्फ तब ही कहा जाएगा जब आपको पैसे भेजने हों। यदि आपको कहीं से पैसे मिल रहे हैं और उसके लिए आपसे यूपीआई पिन मांगा जा रहा है, तो जान लें कि ये फ्रॉड हो सकता है।

सिर्फ ऐसे करें ग्राहक सेवा से संपर्क 
अगर आपको लेनदेन में कोई दिक्कत आ रही है और आपको ग्राहक सेवा से संपर्क करना है, तो केवल पेमेंट एप्लीकेशन का ही इस्तेमाल करें। इंटरनेट पर दिए गए ऐसे फोन नंबर पर कॉल ना करें जिसकी पुष्टि नहीं हुई हो।

किसी को न बताएं यूपीआई पिन
आपका यूपीआई पिन एटीएम पिन की तरह ही होता है। इसलिए इसे किसी के साथ साझा ना करें। ऐसा करने पर जालसाज उसका गलत इस्तेमाल कर आपको ठग सकते हैं।
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