भारत में ब्रिटिश उच्चायोग ने बताया कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री सुनक ने नेताओं से इस दिसंबर में COP28 शिखर सम्मेलन से पहले एक साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक साथ काम किया जाए तो कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सकेगा।
पूरी दुनिया बदलती जलवायु से परेशान है। अब इससे निपटने के लिए भारत और ब्रिटेन एक साथ आ गए हैं। दरअसल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन पर घोषणा की कि वह जलवायु सहायता के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए वह ग्रीन क्लाइमेट फंड (जीसीएफ) को अरबों डॉलर देंगे।
एक साथ काम करने आह्वान
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भारत में ब्रिटिश उच्चायोग ने बताया कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री सुनक ने नेताओं से इस दिसंबर में COP28 शिखर सम्मेलन से पहले एक साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एकजुट होकर काम किया जाए तो देशों के कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सकेगा और जलवायु परिवर्तन के परिणामों से निपटने के लिए कमजोर अर्थव्यवस्थाओं का समर्थन कर सकेंगे।
इतने अरब देगा जीसीएफ को
ब्रिटिश पीएम ने दुनिया को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए बड़ी राशि प्रदान करने की घोषणा की है। उन्होंने जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन पर एलान किया कि ब्रिटेन ग्रीन क्लाइमेट फंड को 2 अरब डॉलर प्रदान करेगा। यह राशि यूके द्वारा की गई सबसे बड़ी एकल फंडिंग है।