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कैबिनेट फैसले: 4445 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे सात टेक्सटाइल पार्क, 21 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार 

Thu, 07 Oct 2021 02:06 AM IST
देव कश्यप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि पीएम मित्र योजना के तहत अगले पांच साल में 4,445 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सात टेक्सटाइल पार्क के जरिये प्रधानमंत्री के 5एफ विजन की नींव पड़ेगी। उनकी योजना फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन के जरिये भारत को कपड़ा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की है।
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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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कपड़ा क्षेत्र के लिए 10,683 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना जारी करने के बाद सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को सात बड़े एकीकृत कपड़ा क्षेत्र और टेक्सटाइल पार्क बनाने को मंजूरी दे दी। 

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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि पीएम मित्र योजना के तहत अगले पांच साल में 4,445 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सात टेक्सटाइल पार्क के जरिये प्रधानमंत्री के 5एफ विजन की नींव पड़ेगी। उनकी योजना फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन के जरिये भारत को कपड़ा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की है। पीएम मित्र योजना के जरिये देश में विश्व स्तरीय औद्योगिक ढांचे का निर्माण होगा और स्थानीय निवेश के साथ एफडीआई बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। गोयल ने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद हर टेक्सटाइल पार्क एक साल प्रत्यक्ष और दो लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा। इस तरह, पांच साल में 21 लाख प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे। 

मालभाड़े में आएगी कमी, 10 राज्यों ने दिखाई रुचि
एकीकृत मेगा पार्क में कताई, बुनाई, रंगाई, प्रसंस्करण और कपड़ा विनिर्माण के लिए छपाई का काम एक ही जगह पर किया जाएगा। इससे माल ढुलाई का खर्च बचेगा और उत्पादकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। अभी तक 10 राज्यों ने अपने यहां पार्क स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इनमें तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, असम, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं। 
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सेमीकंडक्टर के लिए सरकार बनाएगी टास्क फोर्स
वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली चिप सेमीकंडक्टर की कमी पर निगरानी के लिए सरकार टास्क फोर्स का गठन करेगी। वैश्विक स्तर पर मांग बढ़ने और उत्पादन में कमी आने से सेमीकंडक्टर की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। साथ ही ई-वाहनों, लैपटॉप, स्मार्टफोन और घरेलू उपकरणों में भी इसका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा। वाहन कंपनियों का कहना है कि जनवरी, 2022 के बाद ही देश में सेमीकंडक्टर की स्थिति में सुधार आने की संभावना है। टाटा सहित कई कंपनियों ने देश में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की इच्छा जताई है। मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह टास्क फोर्स देश में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन पर भी सुझाव देगी। 

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