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Nvidia: दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी ने एपल, गूगल व मेटा को भी पीछे छोड़ा, ये है एनवीडिया की कहानी

Fri, 07 Jun 2024 11:29 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जब चैट जीपीटी और गूगल जैमिनी जैसे टूल्स को बनाया जाता है, तब बहुत अधिक संख्या में GPU का इस्तेमाल किया जाता है और जैसे-जैसे दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे GPU की भी मांग भी बढ़ रही है। एनवीडिया इसी GPU को बनाने वाली कंपनी है। शायद अब आप समझ रहे होंगे कि ये कंपनी कैसे दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है।
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एनवीडिया - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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सितंबर 2023 में भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने एक शख्स से मुलाकात की थी। इस मुलाकात की चर्चा मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक पर हुई। दरअसल पीएम मोदी जिस शख्स से मिले थे उसका नाम है जेनसेन हुआंग। हो सकता है कि आपने पहले ये नाम न सुना हो। लेकिन शायद आपने एनवीडिया का नाम तो सुना होगा। समझाने के लिए आसान बात कहूं तो एनवीडिया आपके कंप्यूटर के लिए ग्राफिक कार्ड बनाने वाली कंपनी है और इसी कंपनी के सीईओ हैं जेनसेन हुआंग। आज हुआंग एक बार फिर से चर्चा में हैं...

एनवीडिया एपल को छोड़कर बनी दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी

वजह ये है कि एनवीडिया ने एपल को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है। एनवीडिया का मार्केट कैप करीब 251 लाख करोड़ हो गया है। वहीं एपल का मार्केट कैप करीब 250 लाख करोड़ पर है। यहां आपको ये भी बता दें कि दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी है माइक्रोसॉफ्ट जिसका मार्केट कैप 262 लाख करोड़ है।

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लेकिन ऐसा क्या है जो एनवीडिया को आगे बढ़ा रहा है। ऐसा क्या है जिसकी वजह से एनवीडिया का मार्केट कैप इतना हो गया है। इसको समझने के लिए कंप्यूटर को समझना होगा। दरअसल कंप्यूटर में एक CPU होता है यानी सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट। इसको कंप्यूटर का दिमाग माना जाता है। इसमें एक प्रोसेसर की जरूरत होती है। प्रोसेसर को इंटेल और एएमडी जैसी कंपनियां तैयार करती हैं... कंप्यूटर में CPU की तरह ही एक और बेहद खास चीज का इस्तेमाल होता है जिसे GPU कहा जाता है यानि ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट। यूं समझिए कि आपको अपनी स्क्रीन पर जो तस्वीरें, ग्राफिक्स और वीडियो आदि दिखाई देते हैं, उसमें इस GPU का बड़ा हाथ होता है... लेकिन ये तो GPU का केवल एक इस्तेमाल था। GPU की असली ताकत पता चला आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के दौर में। 

जब चैट जीपीटी और गूगल जैमिनी जैसे टूल्स को बनाया जाता है, तब बहुत अधिक संख्या में GPU का इस्तेमाल किया जाता है और जैसे-जैसे दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे GPU की भी मांग भी बढ़ रही है। एनवीडिया इसी GPU को बनाने वाली कंपनी है। शायद अब आप समझ रहे होंगे कि ये कंपनी कैसे दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। खबर पर आगे बढ़ें उससे पहले आपको ये बता दें कि पिछले छह महीने में एनवीडिया के शेयर में करीब 169 फीसदी की बढोतरी हुई है। पिछले पांच सालों में इस शेयर ने 3 हजार 265 फीसदी की तेजी हासिल की है। 

दुनिया के 13वें सबसे अमीर व्यक्ति बने एनवीडिया के संस्थापक

एनवीडिया के सह-संस्थापक, अध्यक्ष और सीईओ जेन्सेन हुआंग अब 106 बिलियन अमरीकी डालर (8.84 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ दुनिया के 13वें सबसे अमीर व्यक्ति बन हैं, एनवीडिया के शेयरों में पिछले एक साल में 700% से अधिक की वृद्धि हुई है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, केवल माइकल डेल (107 बिलियन अमरीकी डालर या 8.92 लाख करोड़ रुपये), मुकेश अंबानी (109 बिलियन अमरीकी डालर या 9.09 लाख करोड़ रुपये), और वॉरेन बफेट (136 बिलियन अमरीकी डालर या 11.34 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ दुनिया के दस सबसे अमीरों की सूची में शामिल होने के मामले में उनसे आगे हैं।

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ये कंपनी कितनी बड़ी है इसका अंदाजा आप इस बात ये भी लगा सकते हैं कि फेसबुक, वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम के मालिकाना हक वाली मेटा कंपनी का मार्केट कैप 1.25 ट्रिलियन डॉलर है और एनवीडिया का 3.01 ट्रिलियन डॉलर। गूगल जैसी कंपनी भी इससे काफी पीछे 2.18 ट्रिलियन डॉलर पर है। खास बात ये है कि भारत में इस कंपनी यानी एनवीडिया के चार डवलपमेंट सेंटर हैं। भारत और भारत की कंपनियां अब एआई की ओर जाना चाहती हैं। पिछले साल ऐसी खबरें आई थीं कि भारत की कुछ बड़ी कंपनियों की इस कंपनी के साथ बातचीत चल रही है ताकि दोनों मिलकर लोकलाइजेशन पर काम करें। भारत के लोग अपनी लोकल भाषाओं में एआई का इस्तेमाल कर सकें, इसी के लिए ये कवायद की जा रही है। 

दुनियाभर में जितने GPU इस्तेमाल होते हैं उनमें से करीब 88 फीसदी एनवीडिया के

चलिए अब आपको जेनसेन हुआंग के बारे में बताते हैं। ताइवान में जन्मे हुआंग ने 5 अप्रैल 1993 को अपने दो साथियों के साथ मिलकर एनवीडिया को बनाया था। अब हुआंग की नेटवर्थ करीब 107.4 बिलियन डॉलर है। उनकी इस कंपनी का मुख्यालय अमेरिका के कैलिफोर्निया में है। भारत में भी ये कंपनी पिछले 20 सालों से काम कर रही है और देश में इसके करीब 3000 कर्मचारी हैं। GPU से AI तक का ये सफर कंपनी के लिए आसान तो नहीं रहा लेकिन कंपनी ने खुद को इस मामले में स्थापित किया है और नंबर वन भी बनाया है। दुनियाभर में जितने GPU इस्तेमाल होते हैं उनमें से करीब 88 फीसदी एनवीडिया के ही होते हैं। चैटजीपीटी को बनाने में 10 हजार ग्राफिक चिप लगे हैं और से सभी एनवीडिया के ही हैं। हर चिप करीब 10 हजार डॉलर का, यानी पूरी मशीन 1000 मिलियन डॉलर की।

चलते चलते आपको ये बता दें कि GPU चिप बहुत तेजी से गणना करते हैं और बेहद सटीक नतीजे देते हैं... और इसी वजह से गेमिंग से लेकर एआई तक में इसकी मांग बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है। महामारी के वक्त में सेमीकंडक्टर की मांग में काफी उछाल देखा गया थाऔर अब ऑटो सेक्टर में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। वजह ये है कि कारों में जो सेंसर इस्तेमाल होते हैं उनके आधार पर खतरे की गणना करना और उसके हिसाब से एक्शन लेना भी इन GPU के जरिए पहले से आसान हो गया है।

खैर...आपको क्या लगता है...AI अच्छा है या बुरा... फायदेमंद है या फिर नुकसान देने वाला... कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा... और ऐसी तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहिए अमर उजाला।

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