सितंबर 2023 में भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने एक शख्स से मुलाकात की थी। इस मुलाकात की चर्चा मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक पर हुई। दरअसल पीएम मोदी जिस शख्स से मिले थे उसका नाम है जेनसेन हुआंग। हो सकता है कि आपने पहले ये नाम न सुना हो। लेकिन शायद आपने एनवीडिया का नाम तो सुना होगा। समझाने के लिए आसान बात कहूं तो एनवीडिया आपके कंप्यूटर के लिए ग्राफिक कार्ड बनाने वाली कंपनी है और इसी कंपनी के सीईओ हैं जेनसेन हुआंग। आज हुआंग एक बार फिर से चर्चा में हैं...
वजह ये है कि एनवीडिया ने एपल को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है। एनवीडिया का मार्केट कैप करीब 251 लाख करोड़ हो गया है। वहीं एपल का मार्केट कैप करीब 250 लाख करोड़ पर है। यहां आपको ये भी बता दें कि दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी है माइक्रोसॉफ्ट जिसका मार्केट कैप 262 लाख करोड़ है।
एनवीडिया के सह-संस्थापक, अध्यक्ष और सीईओ जेन्सेन हुआंग अब 106 बिलियन अमरीकी डालर (8.84 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ दुनिया के 13वें सबसे अमीर व्यक्ति बन हैं, एनवीडिया के शेयरों में पिछले एक साल में 700% से अधिक की वृद्धि हुई है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, केवल माइकल डेल (107 बिलियन अमरीकी डालर या 8.92 लाख करोड़ रुपये), मुकेश अंबानी (109 बिलियन अमरीकी डालर या 9.09 लाख करोड़ रुपये), और वॉरेन बफेट (136 बिलियन अमरीकी डालर या 11.34 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ दुनिया के दस सबसे अमीरों की सूची में शामिल होने के मामले में उनसे आगे हैं।
चलिए अब आपको जेनसेन हुआंग के बारे में बताते हैं। ताइवान में जन्मे हुआंग ने 5 अप्रैल 1993 को अपने दो साथियों के साथ मिलकर एनवीडिया को बनाया था। अब हुआंग की नेटवर्थ करीब 107.4 बिलियन डॉलर है। उनकी इस कंपनी का मुख्यालय अमेरिका के कैलिफोर्निया में है। भारत में भी ये कंपनी पिछले 20 सालों से काम कर रही है और देश में इसके करीब 3000 कर्मचारी हैं। GPU से AI तक का ये सफर कंपनी के लिए आसान तो नहीं रहा लेकिन कंपनी ने खुद को इस मामले में स्थापित किया है और नंबर वन भी बनाया है। दुनियाभर में जितने GPU इस्तेमाल होते हैं उनमें से करीब 88 फीसदी एनवीडिया के ही होते हैं। चैटजीपीटी को बनाने में 10 हजार ग्राफिक चिप लगे हैं और से सभी एनवीडिया के ही हैं। हर चिप करीब 10 हजार डॉलर का, यानी पूरी मशीन 1000 मिलियन डॉलर की।
चलते चलते आपको ये बता दें कि GPU चिप बहुत तेजी से गणना करते हैं और बेहद सटीक नतीजे देते हैं... और इसी वजह से गेमिंग से लेकर एआई तक में इसकी मांग बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है। महामारी के वक्त में सेमीकंडक्टर की मांग में काफी उछाल देखा गया थाऔर अब ऑटो सेक्टर में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। वजह ये है कि कारों में जो सेंसर इस्तेमाल होते हैं उनके आधार पर खतरे की गणना करना और उसके हिसाब से एक्शन लेना भी इन GPU के जरिए पहले से आसान हो गया है।
खैर...आपको क्या लगता है...AI अच्छा है या बुरा... फायदेमंद है या फिर नुकसान देने वाला... कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा... और ऐसी तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहिए अमर उजाला।