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लॉकडाउन में टेलीकॉम कंपनियों ने खोए लाखों ग्राहक, लेकिन जियो ने मारी बाजी

Sat, 18 Jul 2020 01:53 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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टेलीकॉम इंडस्ट्री - फोटो : iStock
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कोरोना वायरस महामारी की वजह से सभी उद्योगों को झटका लगा। देश में टेलीकॉम कंपनियां भी इससे काफी प्रभावित हुई है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अनुसार, लॉकडाउन के चलते मार्च महीने में टेलीकॉम कंपनियों ने करीब 29 लाख ग्राहक खो दिए हैं। 

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इतनी रही सब्सक्राइबर्स की संख्या 
देश में कुल टेलीकॉम सब्सक्राइबर्स की संख्या 117.8 करोड़ रह गई है। जबकि इससे पिछले दो महीनों में यानी जनवरी और फरवरी के दौरान टेलीकॉम सब्सक्राइबर्स की संख्या में 84 लाख की बढ़त हुई थी। मालूम हो कि लॉकडाउन के कारण ट्राई के आंकड़े काफी देर से जारी हुए हैं।

सिर्फ जियो के बढ़े ग्राहक
एक ओर जहां सभी कंपनियों के ग्राहक घटे हैं, वहीं रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। मार्च में रिलायंस जियो के कनेक्शन वाले ग्राहकों की कुल संख्या 45 लाख बढ़कर 38.8 करोड़ तक पहुंच गई। लेकिन भारती एयरटेल को 13 लाख ग्राहकों का नुकसान उठाना पड़ा। इससे पहले लगातार पांच महीनों तक एयरटेल के ग्राहकों की संख्या बढ़ी थी। वोडाफोन आइडिया को मार्च के दौरान 64 लाख ग्राहकों का बड़ा नुकसान हुआ है और इसके ग्राहकों की संख्या 32.55 करोड़ हो गई। वहीं बीएसएनल के ग्राहकों की संख्या 11.26 करोड़ रह गई।

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ग्राहकों की संख्या - फोटो : अमर उजाला--रोहित झा
इसलिए बढ़ रहे जियो के ग्राहक
मालूम हो कि पिछले साल के अंत में टेलीकॉम कंपनियों ने अपने टैरिफ बढ़ा दिए थे। रिलायंस जियो ने इसमें 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी की थी। इसके बावजूद जियो के कई ऐसे प्लान हैं, जो भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया से करीब 25 फीसदी तक सस्ते हैं। इसलिए ग्राहक जियो को अपना रहे हैं और इसके सब्सक्राइबर्स बढ़ रहे हैं। 

टेलीकॉम कारोबार पर असर
मार्च के अंत में केंद्र सरकार ने लॉकडाउन घोषित कर दिया था, जिसका टेलीकॉम कारोबार पर असर पड़ा है। टेलीकॉम सेवाओं से जुड़ी दुकानें बंद थी, जिसकी वजह से लोग नया सिम या कनेक्शन नहीं ले पा रहे थे। वोडाफोन आइडिया की इससे पहले मार्च 2020 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान शुद्ध हानि 73,878 करोड़ रुपये रही। यह किसी भी भारतीय कंपनी को हुई अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक हानि है। भारती एयरटेल को तीसरी तिमाही में 1,035 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ था। जबकि पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में उसे 86 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। रिलायंस इंडस्ट्रीज के फायदे में वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में भले ही भारी गिरावट आई है, लेकिन जियो के लिए आखिरी तिमाही बेहतरीन रहा। वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में जियो का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) 177 फीसदी बढ़कर 2,331 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 


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