महंगाई को लेकर सतर्क है सरकार : गवर्नर
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सरकार महंगाई की मौजूदा स्थिति को लेकर सचेत है। नीतिगत दर को लेकर आगामी परिस्थितियों को देखते हुए कदम उठाया जाएगा। अब सरकार को आगे आपूर्ति पक्ष से जुड़े उन उपायों पर निर्णय लेना है, जिन्हें वे आवश्यक समझते हैं। सटीक उपाय क्या हो सकते हैं, इस पर विचार या टिप्पणी करना केंद्रीय बैंक का काम नहीं है। दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नकदी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। आर्थिक वृद्धि के लिहाज से कर्ज देने के लिए बैंकों के पास पर्याप्त नकदी उपलब्ध होगी।
- गर्वनर ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने नीतिगत रुख में बदलाव करते हुए ‘उदार रुख बरकरार’ की शब्दावली को ‘प्रोत्साहन उपाय वापस लेने’ से बदला है।
- सरकार और आरबीआई के बीच हर मुद्दे पर लगातार बातचीत होती रहती है। इसमें क्रिप्टोकरेंसी जैसे मुद्दे भी शामिल हैं।
- आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने कहा कि केेंद्रीय बैंक वित्त वर्ष के अंत तक डिजिटल मुद्रा की शुरुआत के साथ सरकार की घोषणा को लागू करेगा।
डिजिटल कर्ज देने वाले अपंजीकृत एप की पुलिस में करें शिकायत
दास ने कहा, डिजिटल ऋण देने वाले अपंजीकृत एप से कर्ज लेने वाले ग्राहकों को किसी भी तरह की समस्या होने पर स्थानीय पुलिस से संपर्क करना चाहिए। ऐसे एप आरबीआई के साथ पंजीकृत नहीं हैं। वह स्वयं ही संचालित हैं। केंद्रीय बैंक सिर्फ पंजीकृत संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करेगा। ऐसे संस्थाओं की सूची आरबीआई की वेबसाइट पर है।
भारत अन्य देशों से बेहतर स्थिति में : सीईए
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) अनंत नागेश्वरन ने कहा कि मध्यम अवधि के लिहाज से अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। भारत अन्य देशों के मुकाबले आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा, आप महंगाई की मौजूदा चिंता को छोड़कर देखें तो भारत वित्तीय प्रणाली के बूते पिछले दशक से बाहर आया है। बैंकों और वित्तीय क्षेत्र का बही-खाता सुधरा है। कॉरपोरेट क्षेत्र की स्थिति भी बेहतर हुई है।
आरबीआई और सरकार महंगाई को काबू में लाने एवं वृद्धि को गति देने के लिए कदम उठा रहे हैं। घरेलू स्तर पर चुनौतियां हैं, जिनकी वजह वैश्विक स्थिति है। चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जाते हैं। -अजय सेठ, सचिव, डीईए
सरकारी नीतियों से महामारी से उबरने में मिली मदद : वित्तमंत्री
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार की नीतियों और उठाए गए सक्रिय कदमों से देश को महामारी के कारण पैदा हुई स्थिति से उबरने में मदद मिली। इन कदमों में कॉरपोरेट कर में कटौती, जीएसटी, आईबीसी कोड और अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण जैसे उपाय शामिल हैं। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत विशेष सप्ताह समारोह में उन्होंने कहा कि भारत ने अपने मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ कई चुनौतियों का सामना किया और सफलता पाई। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में कोरोना महामारी के बावजूद भारतीय खुदरा निवेशकों ने शेयर बाजार तक पहुंचने के लिए ऑनलाइन साधन खोजे हैं। निवेशक शिक्षा में बाजार नियामक सेबी की अहम भूमिका रही है।