वेणुगोपाल धूत एक बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। धूत 20 जनवरी को आर्थर रोड जेल से रिहा हुए थे।
मुंबई की एक विशेष कोर्ट ने आर्थर रोड जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस इस साल जनवरी में जमानत पर रिहा होने से पहले निजी और नकद बॉन्ड पर वीडियोकॉन समूह के संस्थापक वेणुगोपाल धूत के हस्ताक्षर लेने में विफल रहने को लेकर जारी किया गया है।
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बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं धूत
वेणुगोपाल धूत एक बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। धूत 20 जनवरी को आर्थर रोड जेल से रिहा हुए थे। इस मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर भी आरोपी हैं।
रिहा होने के बाद धूत अस्पताल में भर्ती हुए
विशेष सीबीआई कोर्ट के न्यायाधीश एमआर पुरवार ने एक अप्रैल को जेल अधीक्षक को नोटिस जारी किया था। विस्तृत आदेश बुधवार को सामने आया। जेल से रिहा होने के बाद धूत अस्पताल में भर्ती हुए हैं। धूत के अस्पताल में भर्ती रहने पर विचार करते हुए कोर्ट ने उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति के बिना जमानत की स्वीकृति के लिए धूत की अर्जी को स्वीकार कर लिया।