वैश्विक बाजारों में नरमी के रुख के बीच स्थानीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। यह गिरावट धातु, बैंकिंग एवं वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली की वजह से देखी गई। बजट में प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को बढ़ाने और अल्पावधि के पूंजीगत लाभ पर कर बढ़ाने की घोषणा के बाद से ही निवेशकों ने अपना निवेश निकालना शुरू कर दिया है। बड़े पैमाने पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भी भारतीय बाजार से निकासी की है।
एचडीएफसी बैंक ने अपनी सावधि जमा योजनाओं (एफडी) पर ब्याज दरों में संशोधन करके अपने ग्राहकों को राहत दी है। 24 जुलाई से, बैंक ने बचत पर बेहतर रिटर्न प्रदान करते हुए विशिष्ट अवधियों के लिए दरों में वृद्धि की है। तीन करोड़ रुपये से कम की जमा राशि के लिए, बैंक ने 35 महीने और 55 महीने की अवधि के लिए ब्याज दरों में 20 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। अब, एफडी की दरें दरें क्रमशः 7.35 फीसदी और 7.40 फीसदी हैं। 4 साल 7 महीने से 55 महीने तक परिपक्व होने वाली जमा राशि के लिए ब्याद दरें सबसे ज्यादा 7.40 फीसदी रखी गई है। इससे एक दिन पहले बुधवार को बंधन बैंक, सिटी यूनियन बैंक, सीएसबी बैंक, डीबीएस बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक, जम्मू और कश्मीर बैंक समेत अन्य कई बैंकों ने भी सावधि जमा योजनाओं पर अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी का एलान किया था।