रसोई में इस्तेमाल होने वाली कई वस्तुओं के दाम घटने से अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति में मामूली गिरवट दर्ज की गई। यह घटकर 4.83 प्रतिशत पर आ गई है। सोमवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति मार्च में 4.85 प्रतिशत के स्तर पर थी। उस दौरान खुदरा महंगाई का आंकड़ा 10 महीनों में सबसे कम था। इसके अलावा अप्रैल 2023 में यह 4.3 प्रतिशत थी।
| महीना |
वास्तविक दर |
पूर्वानुमान |
पिछले महीने |
| मई 2024 |
4.83% |
4.80% |
4.85% |
| अप्रैल 2024 |
4.85% |
4.91% |
5.09% |
| मार्च 2024 |
5.09% |
5.02% |
5.10% |
| फरवरी 2024 |
5.10% |
5.09% |
5.69% |
| जनवरी 2024 |
5.69% |
5.87% |
5.55% |
| दिसंबर 2023 |
5.55% |
5.70% |
4.87% |
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में खाद्य वस्तुओं की खुदरा मुद्रास्फीति मामूली बढ़ोतरी के साथ 8.70 प्रतिशत रही। एक महीने पहले मार्च में यह 8.52 प्रतिशत के स्तर पर थी। सरकार ने खुदरा मुद्रास्फीति को दो प्रतिशत की घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य भारतीय रिजर्व बैंक को दिया हुआ है।
अप्रैल महीने में खुदरा महंगाई में मामूली राहत मिली है। खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2024 में 4.83 रही जो मार्च 2024 में 4.85% थी। हालांकि, खाद्य महंगाई दर में अप्रैल महीने में उछाल आया और ये बढ़कर 8.70% पर पहुंच गई। मार्च 2024 में सह 8.52% थी।
साग-सब्जियों और दालों की कीमतों में वृद्धि से खाद्य महंगाई दर में इजाफा
सांख्यिकी मंत्रालय ने सोमवार को अप्रैल 2024 के खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2024 में साग-सब्जियों और दालों की कीमतें बढ़ने से खाद्य महंगाई दर में उछाल आया। खाद्य महंगाई दर वित्तीय वर्ष 2024-25 के पहले महीने अप्रैल 2024 में 8.70% पर पहुंच गई जो कि मार्च 2024 में 8.52% पर रही थी। साग-सब्जियों की महंगाई दर अप्रैल महीने में 27.80% रही, यह मार्च में 26.38% रही थी। वहीं, दालों की महंगाई दर अप्रैल में 16.84% रही है मार्च 2024 में यह 18.99% रही थी। फरवरी 2024 में यह आंकड़ा 18.90% रहा था।
अनाज और उससे जुड़े उत्पादों की महंगाई दर 8.63% रही
अप्रैल 2024 में अनाज और उससे जुड़े उत्पादों की महंगाई दर 8.63% रही है, मार्च में 7.90% थी। मसालों के मामले में महंगाई दर की बात करें तो अप्रैल 2024 में यह 7.75% रही, मार्च में यह 11.43% थी। फलों की महंगाई दर अप्रैल महीने में 5.94% रही जो कि मार्च में 2.67% थी। अप्रैल महीने में चीनी की महंगाई दर 6.73% और अंडो की महंगाई दर 9.59% रही।
सबसे अधिक मुद्रास्फीति ओडिशा में, सबसे कम दिल्ली में
एनएसओ के आंकड़ों से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों में मुद्रास्फीति राष्ट्रीय औसत 4.11 प्रतिशत से कम और ग्रामीण भारत में 5.43 प्रतिशत के साथ उच्च थी। सबसे अधिक मुद्रास्फीति ओडिशा में 7.11 प्रतिशत और दिल्ली में 2.17 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय औसत से अधिक मुद्रास्फीति दर्ज करने वाले राज्य आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल और मध्य प्रदेश थे।