भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय बैंक क्रिप्टो करेंसी नियमों पर दूसरों का अनुकरण नहीं करेगा और ‘‘जो दूसरे बाजार के लिए अच्छा है, जरूरी नहीं कि वह हमारे लिए भी अच्छा हो।’’
अमेरिकी प्रतिभूति व विनिमय आयोग द्वारा अमेरिका में बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड के निर्माण की अनुमति देने के लिए बदलावों को मंजूरी देने के बाद उनका यह बयान आया है। क्रिप्टो करेंसी नियमों पर दास ने कहा, ‘‘ जो दूसरे बाजार के लिए अच्छा है, जरूरी नहीं कि वह हमारे लिए भी अच्छा हो। इसलिए हमारे विचार, रिजर्व बैंक के और व्यक्तिगत रूप से मेरे..वही रहेंगे।’’
अमेरिकी प्रतिभूति व विनिमय आयोग (एसईसी) की ओर से बिटकॉइन को ट्रैक करने वाले यूएस-लिस्टेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) को मंजूरी देने के एक दिन बाद, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को चेतावनी दी कि क्रिप्टो मेनिया का ट्यूलिप मेनिया जैसा हाल हो सकता है।
उन्होंने कहा, "हम सभी नीदरलैंड के डच शब्द ट्यूलिप मेनिया से परिचित हैं। मुझे नहीं लगता कि दुनिया, विशेष रूप से उभरते बाजार, क्रिप्टो मेनिया को बर्दाश्त कर सकते हैं जिसका ट्यूलिप मेनिया जैसा ही हाल हो सकता है।"
दास ने बीएफएसआई शिखर सम्मेलन में यह बात कही। यह पूछे जाने पर कि क्या वह आगामी लेखानुदान को मुद्रास्फीति बढ़ाने वाला मानते हैं, उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें नहीं लगता कि अंतरिम बजट से महंगाई बढ़ेगी।
गवर्नर ने रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए सरकार द्वारा आपूर्ति को लेकर उठाए गए कई उपायों का भी जिक्र किया।