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PM Kisan Scheme: ओटीपी आधारित ई-केवाईसी सुविधा सस्पेंड, जानें क्या है यह जरूरी काम करने का नया तरीका

Sat, 09 Apr 2022 04:55 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PM Kisan Scheme Latest News Update: अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत रजिस्टर्ड हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। दरअसल, अब मोबाइल के जरिए ओटीपी आधारित ई-केवाईसी सुविधा को अस्थाई रूप से सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद किसानों को यह प्रक्रिया अब घर के बाहर जाकर पूरी करानी होगी। 
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pm kisan- new - फोटो : iStock
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विस्तार
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पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत रजिस्टर्ड किसानों के लिए बड़ी खबर है। दरअसल, इस योजना का लाभ पाने के लिए जरूरी ई-केवाईसी सुविधा में बदलाव किया गया है। अब मोबाइल के जरिए ओटीपी आधारित ई-केवाईसी सुविधा को अस्थाई रूप से सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद किसानों को यह प्रक्रिया अब घर के बाहर जाकर पूरी करानी होगी। 

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घर बैठे पूरी होती थी प्रक्रिया
अभी तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से घर बैठे पूरा की जा सकती थी। लेकिन अब इसके लिए घर से बाहर निकलना होगा। अभी तक महज कुछ समय में ही आधार कार्ड का नंबर डालकर मोबाइल फोन के माध्यम से ओटीपी के जरिए पूरा की जाने वाली इस प्रक्रिया को अब नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर पूरा कराना होगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस सूचना को साझा किया गया है। 

सीएससी सेंटर से कराएं ई-केवाईसी
हालांकि, अभी इस बात की जानकारी साझा नहीं की गई है कि यह सुविधा कब तक के लिए सस्पेंड की गई है। गौरतलब है कि योजना का लाभ पाने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया है। इसे पूरा न करने पर खाते में आने वाली किस्त अटक सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब केवाईसी के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी पर जाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन देना होगा और अपनी ई-केवाईसी पूरा करानी होगी। 
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22 मई तक बढ़ाई गई डेडलाइन
गौरतलब है कि बीते दिनों सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत रजिस्टर्ड करोड़ों किसानों के लिए खुशखबरी है। दरअसल केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए अनिवार्य किए गए ई-केवाईसी (eKYC) प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्धारित डेडलाइन बढ़ा दी थी। पीएम किसान पोर्टल पर अपडेट की गई जानकारी के मुताबिक, अब 22 मई, 2022 तक यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे पहले इस प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2022 थी।

इस दिन आ सकती है 11वीं किस्त
एक रिपोर्ट की मानें तो इस बार पीएम किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त जल्द किसानों के खातों में आ सकती है। गौरतलब है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगभग 12.53 करोड़ किसान रजिस्टर्ड हैं। बता दें कि सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया है। इसे पूरी किए बिना योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिल सकेगी। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सरकार ने 10 किस्तें वितरित की हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि सरकार की ओर से दी जाने वाली 2000 रुपये की किस्त न लटके तो अंतिम तिथि का इंतजार न करें और आज ही ई-केवाईसी पूरा कर लें। 

6000 रुपये सालाना भेजती है सरकार
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मोदी सरकार देश के किसानों के खाते में सीधे 6,000 सालाना भेजती है। ये पैसे सरकार किसानों को तीन किश्तों में जारी किए जाते हैं। हर एक किश्त में किसानों को 2,000 रुपये दिए जाते हैं। बता दें कि आजादी के बाद पहली बार है जब किसी सरकार ने किसानों के खाते में इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर की हो। अब तक किसानों को 10 किश्तों में पैसे भेजे जा चुके हैं।

इन तारीखों में भेजी जाती हैं किस्तें
बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 10वीं किस्त की राशि किसानों के खातों में बीती 1 जनवरी 2022 को ट्रांसफर की गई थी। यहां जान लें कि इस योजना के तहत किसानों को पहली किश्त का पैसा 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच में दिया जाता है। वहीं, दूसरी किश्त का पैसा 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच मिलता है। जबकि, योजना की तीसरी किश्त का पैसा 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच में ट्रांसफर किया जाता है। इस हिसाब से देखें तो अप्रैल की शुरुआत यानी पहले हफ्ते में किसानों के अकाउंट में 11वीं किश्त का पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है।

ये किसान रहेंगे लाभ से वंचित
यहां पर यह बताना जरूरी है कि आप भले ही छोटे या फिर सीमांत किसान हों, लेकिन अगर परिवार का कोई सदस्य टैक्स जमा करता है, तो ऐसी स्थिति में आपको इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यहां परिवार के सदस्य से मतलब पति-पत्नी और अवयस्क बच्चों से है। इसके अलावा जिनके पास कृषि योग्य भूमि नहीं हो, कृषि योग्य भूमि हो लेकिन इसका मालिक सरकारी कर्मचारी हो या फिर किसान को सालाना 10,000 रुपये पेंशन प्राप्त होती है, तो ऐसे किसानों को योजना से बाहर रखा गया है। 

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