कोई भी गुजराती थाली पापड़ के बिना अधूरी होती है। लेकिन कई लोगों मं इस बात की कंफ्यूजन है कि पापड़ जीएसटी के दायरे में आता है या नहीं और क्या इसके आकार के आधार पर जीएसटी की दर अलग-अलग है? भारत में माल एवं सेवा कर (GST) को लेकर लई लोगों में कंफ्यूजन है। आरपीजी समूह के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने पापड़ पर टैक्स को लेकर ट्विटर पर एक सवाल किया। उन्होंने पूछा कि सरकार की ओर से गोल पापड़ पर जीएसटी से छूट मिलती है, लेकिन चौकोर पापड़ पर टैक्स लगाया जाता है। उन्होंने अपने ट्वीट में चार्टड अकाउंटेंट से इस उलझन का हल पूछा।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने दिया जवाब
इसका जवाब देते हुए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड, जो देश में अप्रत्यक्ष कराधान के लिए जिम्मेदार है, ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से स्पष्ट किया कि, 'जीएसटी अधिसूचना की प्रविष्टि संख्या 96 के माध्यम से पापड़ जीएसटी से मुक्त है। पापड़ के आकार के आधार पर कोई भेद नहीं कया गया है। इसकी अधिसूचना http://cbic.gov.in पर उपलब्ध है।
अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग ने भी किया स्पष्ट
हाल ही में अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग (AAR) की गुजरात बेंच ने भी कहा था कि पापड़ पर जीएसटी नहीं वसूला जाता है। बेंच ने पाया कि पहले पापड़ हाथ से बनते थे। इसलिए उन्हें गोल आकार देना आसान होता था। अब तकनीक की प्रगति के साथ, पुराने पारंपरिक गोल पापड़ के साथ-साथ विभिन्न आकारों और साइज के पापड़ उपलब्ध हैं। लेकिन ये सभी पापड़ एचएसएन 19059040 में वर्गीकृत एक ही पापड़ रहेंगे। वर्तमान में इस वर्गीकरण के लिए जीएसटी दर शून्य है।