देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों से जनता पहले ही परेशान है। अब प्याज भी आम आदमी को रुला सकता है। इस साल त्योारी सीजन में आपको प्याज की महंगाई परेशान कर सकती है। इससे घरेलू बजट पर भी असर पड़ेगा। दरअसल क्रिसिल (Crisil) रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्तूबर-नवंबर के दौरान प्याज की कीमतें ऊंची हो सकती है।
इसलिए बढ़ सकती है कीमत
अनिश्चित मानसून के चलते नई फसल के आने में देरी हो सकती है। इस वजह से देश में प्याज की कीमत बढ़ सकती है। खरीफ फसल की आवक में देरी के अतिरिक्त चक्रवात ताउते की वजह से बफर स्टॉक में रखे माल की सेल्फ लाइफ कम होने से भी प्याज की कीमतों में इजाफा होने की संभावना है।
इतनी बढ़ सकती है प्याज की कीमत
रिपोर्ट के मुताबिक, 'साल 2018 के मुकाबले इस साल प्याज की कीमतों में 100 फीसदी से भी ज्यादा की वृद्धि हो सकती है। महाराष्ट्र की बात करें, तो फसल की रोपाई में आने वाली चुनौतियों की वजह से खरीफ 2021 के लिए कीमतें 30 रुपये प्रति किलोग्राम के पार जा सकती हैं। हालांकि, यह खरीफ 2020 के उच्च आधार के कारण साल-दर-साल (एक से पांच फीसदी) से थोड़ा कम होगा।'
सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य को ध्यान में रखकर RBI ने उठाए कदम
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक कार्यक्रम में महंगाई पर कहा कि केंद्रीय बैंक ने सरकार द्वारा निर्धारित दो से छह फीसदी तक मुद्रास्फीति दर के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कदम उठाए हैं। केंद्रीय बैंक धीरे-धीरे मुद्रास्फीति दर चार फीसदी पर लाने के लक्ष्य पर काम करेगा। महंगाई या मुद्रास्फीति दर में लगातार वृद्धि की उम्मीद कम है। दास ने कहा कि वैश्विक बाजार में तरलता की आसान स्थिति के कारण घरेलू बाजार में तेजी दिखाई दे रही है। दूसरी तिमाही से आर्थिक विकास और बेहतर होगा।