इक्विटी में सीधे निवेश करने वाले युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह बताता है कि उनका ध्यान लंबी अवधि के रिटर्न पर है न कि तत्काल कर बचत पर। एक सर्वे में यह कहा गया है। जेरोधा, अपस्टॉक्स और एंजेलऑन जैसी ब्रोकरेज कंपनियां और एचडीएफसी सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जियोजीत जैसे स्थापित कंपनियों ने महामारी के बाद से अपने नए ग्राहकों की संख्या को दोगुना से अधिक कर लिया है।
30 वर्ष से कम उम्र के 70 फीसदी निवेशक
सभी ब्रोकरेज कंपनियों का कहना है कि उनके 70 प्रतिशत से अधिक नए ग्राहक पहली बार के निवेशक हैं और 30 वर्ष से कम उम्र के हैं। मई 2020 और सितंबर 2021 के बीच, बीएसई का उपयोगकर्ता आधार लगभग दोगुना होकर आठ करोड़ से अधिक हो गया, जिनमें अंतिम एक करोड़ केवल जून 2021 के पहले सप्ताह और सितंबर के तीसरे सप्ताह के बीच निवेश किए थे।
दो लाख लोगों पर किया गया ऑनलाइन सर्वे
यह ऑनलाइन सर्वेक्षण पिछले सप्ताह 18-50 आयु वर्ग के दो लाख लोगों के बीच किया गया था। एक ऑनलाइन निवेश मंच ग्रो (सेक्वॉया कैपिटल, वाईकॉम्बिनेटर, रिबिट कैपिटल, टाइगर ग्लोबल द्वारा समर्थित) के सर्वेक्षण के अनुसार, इसमें शामिल प्रतिभागियों में से 81 प्रतिशत अपने पैसे को शेयर बाजारों में और इसके बाद म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं। वे बचत और धन में दीर्घकालीन वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करते हैं, न कि तत्काल कर बचत पर।