केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइप लाइन (एनएमपी) का शुभारंभ किया। इसके जरिए देश की करीब छह लाख करोड़ रुपये की सरकारी संपत्तियों का विनिवेश किया जाएगा। इस मौके पर वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन को कामयाब बनाने के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
वित्तमंत्री ने कहा कि एनएमपी उन ब्राउनफील्ड संपत्तियों के लिए है, जिनमें निवेश पहले से ही किया जा रहा है। यह उन संपत्तियों के लिए है, जहां संपत्ति का पूरी तरह से मुद्रीकरण किया जा चुका है या जिनका कम उपयोग हो रहा है। इन संपत्तियों में हम निजी साझेदारी के जरिए इनका बेहतर मुद्रीकरण करेंगे और इसके जरिए जो भी संसाधन प्राप्त होंगे उनका बुनियादी ढांचे के निर्माण में और बेहतर उपयोग हो सकेगा। यह महत्वपूर्ण है कि भारत यह समझे कि हमारी संपत्ति का अधिकतम लाभ उठाने का समय आ गया है। हम मानते हैं कि इन संपत्तियों के बेहतर संचालन व रखरखाव के लिए निजी क्षेत्र को आगे लाना बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए हम जमीनी स्तर पर बहुत मजबूती से काम करने के लिए वचनबद्ध हैं।
क्या जमीनें बेच रहे हैं? वित्त मंत्री ने दिया यह जवाब
राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइल लाइन योजना पर उठ रहे सवालों के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा, 'जिन लोगों के दिमाग में ये सवाल है कि क्या हम जमीनें बेच रहे हैं? नहीं, राष्ट्रीय यह उन संपत्तियों को लेकर है, जिनका बेहतर तरीके से मौद्रिकीकरण करने की जरूरत है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि ये बेहद जरूरी है कि भारत यह समझे कि हमारी संपत्तियों का अधिकतम लाभ उठाने का समय आ गया है।
Union Finance Minister Nirmala Sitharaman launches the National Monetisation Pipeline in Delhi. pic.twitter.com/BwAeRoK8Nk
इससे पहले रविवार को नीति आयोग ने बताया कि एनएमपी के जरिये सरकार अगले चार साल के विनिवेश का खाका तैयार करेगी और निवेशकों को भी स्पष्ट संदेश मिलेगा। वित्तमंत्री विनिवेश के लिए पहचान की गई कंपनियों, पावरग्रिड, हाईवे आदि की सूची भी जारी करेंगी।
6 लाख करोड़ रुपये मूल्य आंका है इन संपत्तियों का
निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने पिछले दिनों कहा था कि सरकार ने विनिवेश के लिए करीब 6 लाख करोड़ की संपत्तियों की पहचान कर ली है। एनएमपी योजना का जिक्र वित्तमंत्री ने 2021-22 के बजट भाषण में ही कर दिया था।
कांग्रेस ने हमला बोला
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन पर भाजपा पर करारा हमला बोला है। इसे लेकर पार्टी ने मोदी सरकार पर देश की संपत्तियों को तेजी से बेचने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, 'मोदी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। वे अब हमारी राष्ट्रीय संपत्ति को तेजी से बेचने की योजना लेकर आए हैं।'