फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने अपने 11,000 कर्मचारियों को बाहर निकालने का फैसला लिया है। इसकी जानकारी देते हुए मेटा के सीईओ और फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने कहा है कि यह मेटा के इतिहास में किए गए बदलावों में यह सबसे कठिन बदलाव है। उन्होंने इस कदम के लिए कर्मचारियों से माफी भी मांगी।
जकरबर्ग ने कर्मचारियों को लिखे पत्र में कहा कि कमाई में गिरावट और प्रौद्योगिकी उद्योग में जारी संकट के चलते यह फैसला करना पड़ा। दुर्भाग्य से यह मेरी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हैं। ऑनलाइन कॉमर्स के पिछले रुझान वापस आ गए हैं, लेकिन इसके साथ ही व्यापक आर्थिक मंदी, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन घटने के संकेत के चलते हमारी आय मेरी अपेक्षा से बहुत घट गई है। मैंने इसे गलत ढंग से समझा और मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं।
जकरबर्ग ने कहा कि हमने अपने व्यवसाय की लागत में कटौती की है, जिसमें बजट कम करना, भत्तों को कम करना और रियल एस्टेट व्यय को कम करना शामिल है। हम अपनी दक्षता बढ़ाने के लिए टीम का पुनर्गठन कर रहे हैं। सिर्फ इन उपायों से हमारे खर्च, हमारी कमाई के अनुरूप नहीं हो पाएंगे। इसलिए मैंने लोगों की छंटनी का कठिन निर्णय भी लिया है।
मेटा एच-1बी वीजाधारकों को आव्रजन सहायता देगी
फेसबुक की मूल कंपनी मेटा में बड़े पैमाने पर छंटनी के बीच एच-1बी जैसे कार्य वीजा वाले कर्मचारियों को अपनी आव्रजन स्थिति को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मेटा इन कर्मचारियों को आव्रजन सहायता देगी। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी कहा है कि अगर आप यहां वीजा पर हैं, तो यह (छंटनी) आपके लिए खासतौर पर बेहद कठिन होगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित लोगों को सहायता देने की पेशकश की।
बता दें कि एक दिन पहले बुधवार को मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों से सोमवार को बातचीत की। बातचीत में उन्होंने मेटा में होने जा रही छंटनी को कन्फर्म कर दिया था। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों को बताया था कि बुधवार सुबह से कंपनी में छंटनी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एक डाउनकास्ट मीटिंग के दौरान उन्होंने कहा कि कंपनी की ओर से उठाए गए गलत कदमों के लिए वे जिम्मेदार है।
कंपनी के विकास के लिए उनके अति आशावादी दृष्टिकोण के कारण उन्होंने जरूरत से अधिक कर्मचारी भर्ती किए। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार जकरबर्ग के साथ मीटिंग में शामिल एक कर्मी ने इस बात की पुष्टि की थी।
रिपोर्ट के अनुसार जिन कर्मचारियों की छंटनी की जानी है, उन्हें कम से कम चार महीने का वेतन मिलेगा। जकरबर्ग ने छंटनी का सामना करने वालों में भर्ती और व्यावसायिक टीम के सदस्यों के होने का उल्लेख किया है। बैठक से परिचित लोगों के अनुसार मेटा के मानव संसाधन प्रमुख लोरी गोलर ने समूह को बताया कि जो कर्मचारी अपनी नौकरी खो देंगे, उन्हें कम से कम चार महीने का वेतन दिया जाएगा।