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LIC IPO: आईपीओ का प्रबंधन करने की होड़ में 16 मर्चेंट बैंकर, DIPAM के सामने देंगे प्रस्तुतीकरण

Tue, 24 Aug 2021 11:43 AM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एलआईसी के आईपीओ का प्रबंधन करने की दौड़ में 16 मर्चेंट बैंकर शामिल हैं।
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Merchant Bankers एलआईसी - फोटो : pixabay
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विस्तार
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निवेशकों को जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का बेसब्री से इंतजार है। एलआईसी के आईपीओ मैनेजमेंट का काम हासिल करने के लिए मर्चेंट बैंकरों में होड़ है। बताया जाता है कि इसके लिए घरेलू और विदेशी सहित लगभग 16 मर्चेंट बैंकर रेस में हैं। ये बैंक्स 24 और 25 अगस्त को निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सामने प्रस्तुतीकरण देने वाले हैं। इसे भारत के कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम कहा जा रहा है।

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दीपम के सर्कुलर के अनुसार, बीएनपी परिबास, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया और डीएसपी मेरिल लिंच (अब बोफा सिक्योरिटीज) सहित अंतरराष्ट्रीय बैंकर मंगलवार को प्रस्तुतीकरण देंगे। इनमें गोल्डमैन सैश (इंडिया) सिक्योरिटीज, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), जेपी मॉर्गन इंडिया और नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) भी शामिल हैं। 

वहीं बुधवार को एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, डीएएम कैपिटल एडवाइजर्स, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड, आईआईएफएल सिक्योरिटीज लिमिटेड, जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड और यस सिक्योरिटीज इंडिया लिमिटेड दीपम के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुतीकरण देंगे। मालूम हो कि 15 जुलाई को दीपम ने एलआईसी के आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे।
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भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के चेयरमैन एमआर कुमार ने बताया था कि कंपनी का बहुप्रतीक्षित आईपीओ दिसंबर तक लाने की तैयारी है। इसके लिए मूल्यांकन का काम तेजी से किया जा रहा है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आईपीओ के नियमों में बदलाव किया था, जिससे एलआईसी के आईपीओ लाने की राह आसान हो गई है। नए नियमों के अनुसार, कंपनी अब मौजूदा 10 फीसदी के बजाय पांच फीसदी हिस्सेदारी आईपीओ के जरिए बेच सकती है। 

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मामले से परिचित एक व्यक्ति के अनुसार, भारत एलआईसी में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने पर विचार कर रहा है, जो एक एकल विदेशी निवेशक को फर्म में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने में सक्षम बना सकता है। कोई भी रणनीतिक निवेश एक सीमा के अधीन होगा, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इसका स्तर क्या होगा। इस महीने की शुरुआत में एक बैठक में भाग लेने वालों ने सरकारी बैंकों पर 20 फीसदी एफडीआई सीमा का उल्लेख किया था।

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