सेंथिल बालाजी को पिछले साल 14 जून को ईडी ने नौकरी के बदले नकदी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। बालाजी पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक शासन के दौरान परिवहन मंत्री भी रह चुके हैं।
मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका खारिज कर दी। बता दें कि तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार, न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश ने बालाजी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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बीते साल जून में हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने बीते साल जून में ईडी ने वी सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार किया था। साल 2014 में एआईडीएमके सरकार में परिवहन मंत्री रहते हुए बालाजी पर मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन में पैसे लेकर लोगों को नौकरी देने के आरोप लगे थे। साथ ही आरोप है कि बालाजी ने मनी लॉन्ड्रिंग की थी। बालाजी की गिरफ्तार पर जमकर हंगामा हुआ था और गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। बालाजी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी दिल की सर्जरी की गई। इसके बाद 17 जुलाई को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद सेंथिल बालाजी को तमिलनाडु की पुझल सेंट्रल जेल भेजा गया और तब से वे जेल में बंद हैं।
गिरफ्तारी के बाद भी बालाजी ने डीएमके कैबिनेट से इस्तीफा नहीं दिया था। हालांकि सीएम स्टालिन ने उनके विभागों ऊर्जा, एक्साइज को अन्य मंत्रियों को आवंटित कर दिया था। बिना किसी प्रभाव के बालाजी तमिलनाडु सरकार में मंत्री बने हुए थे। हालांकि कुछ दिन पहले ही बालाजी ने तमिलनाडु कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया।