ITR Refund: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग से कहा है कि ऐसी कार्ययोजना बनाएं, जिससे टैक्स से जुड़े संभावित मामलों की पहचान कर उसका तुरंत निपटान किया जाए। इस योजना में जब्त की गई संपत्ति को फिर से वापस करने के लिए एक तय समय सीमा होगी।
आप अगर टैक्स भरते हैं तो आपके लिए राहत की बात है। आयकर विभाग चालू वित्त वर्ष यानी 2024-25 से टीडीएस भुगतान और टैक्स से संबंधित अपील को जल्द-से-जल्द निपटाएगा। इससे आपको आयकर रिफंड भी जल्द मिल जाएगा। विभाग इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार कर रहा है, जिसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग से कहा है कि ऐसी कार्ययोजना बनाएं, जिससे टैक्स से जुड़े संभावित मामलों की पहचान कर उसका तुरंत निपटान किया जाए। इस योजना में जब्त की गई संपत्ति को फिर से वापस करने के लिए एक तय समय सीमा होगी। विभाग ने बताया कि ऐसी संपत्तियां 30 जून 2024 तक वापस कर दी जाएंगी। इसमें 31 मार्च, 2024 तक लंबित कंपाउंडिंग प्रस्तावों को अंतिम रूप देने और 30 जून तक कम-से-कम 150 अपीलों के निपटान का लक्ष्य रखा गया है।
एक अप्रैल, 2020 से पहले दायर अपीलों के निपटान को प्राथमिकता
विभाग ने बताया कि एक अप्रैल, 2020 से पहले दायर अपीलों के निपटान को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद एक अप्रैल, 2020 के बाद दायर अपीलों का निपटान किया जाएगा। यह फैसला प्रशासन दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ई-निवारण और सीपीजीआरएएम प्लेटफार्मों के माध्यम से शिकायतों के समाधान के लिए तत्काल उपाय शुरू किए गए हैं।
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मूल्यांकन अधिकारी के समक्ष दाखिल कर सकते हैं मामला
आयकर विभाग के नए फैसले के तहत करदाताओं को अब लंबित रिफंड के लिए मूल्यांकन अधिकारी के समक्ष आवेदन दाखिल करना होगा। धारा 195/197/206सी के तहत शून्य/कम टीडीएस या टीसीएस प्रमाणपत्रों के आवेदनों के प्रसंस्करण में तेजी लाई जाएगी। एक अप्रैल, 2024 से आवेदन प्राप्ति के एक महीने के भीतर उनका समाधान कर दिया जाएगा।
n एकेएम ग्लोबल (साझेदार कर) संदीप सहगल का कहना है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपनी अंतरिम कार्ययोजना जारी की है। यह कर प्रशासन दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।