ओमेक्स बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी
- फोटो : सोशल मीडिया
बीती 14 मार्च को रियल एस्टेट समूह ओमेक्स पर की गई आयकर विभाग की कार्रवाई में अब कथित तौर पर ग्राहकों के साथ लगभग 3000 करोड़ रुपये से अधिक के बेहिसाब नकद लेन-देन का खुलासा हुआ है। आयकर अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की है। गौरतलब है कि ओमेक्स दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर्स में से एक है।
45 परिसरों पर चला था तलाशी अभियान
केंद्रीस प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान जारी कर कहा कि आयकर विभाग की ओर से 14 मार्च को उत्तर भारत में सक्रिय एक प्रमुख रियल एस्टेट समूह के परिसरों पर छापा मारा गया था। इस दौरान अधिकारियों की टीम ने दिल्ली, एनसीआर, चंडीगढ़, लुधियाना, लखनऊ और इंदौर समेत समूह के 45 परिसरों में तलाशी अभियान चला था। इस कार्रवाई के दौरान 25 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी और पांच करोड़ रुपये के आभूषण जब्त किए गए थे। वहीं 11 लॉकरों को जब्त कर लिया गया था।
अधिकारियों ने 10 साल का डाटा खंगाला
अब आयकर विभाग के अधिकारियों ने जो सबूत जुटाए हैं उनके मुताबिक, रियल एस्टेट समूह ओमेक्स ने कथित तौर पर ग्राहकों के साथ 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का नकद लेन-देन किया है, जिसका कोई हिसाब किताब नहीं है। बता दें कि तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों ने हार्ड कॉपी दस्तावेजों और डिजिटल डाटा सहित बड़ी संख्या में सबूत इकठ्ठा किए थे। इन जब्त किए गए सबूतों में 10 से अधिक वर्षों तक की विभिन्न ग्राहकों से समूह की ऑन-मनी नकद रसीद डाटा शामिल है।