नागरिक उड्डयन सचिव राजीव बंसल ने बुधवार को संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं सामान्य हो जाएंगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इस साल के अंत तक सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के चलते देश से आने और जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित कर दिया गया था और ये पिछले साल मार्च से बंद हैं। हालांकि, इस दौरान वंदे भारत मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन जरूर किया जा रहा है।
रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है सरकार आने वाले कुछ हफ्तों में दुबई, सिंगापुर, फ्रांस, यूके, यूएस, बांग्लादेश, श्रीलंका, कतर, सऊदी अरब, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ानें बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसमें दावा किया गया कि हर देश के उच्चायोग के बीच लगातार चर्चा हो रही है और जहां भी आवश्यक हो, हम एयर बबल समझौतों के तहत उड़ानों को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।
एयरपोर्ट के लिए पांच साल में मिलेंगे 90 हजार करोड़
हवाईअड्डा क्षेत्र के विकास के लिए अगले पांच साल में 90 हजार करोड़ के निवेश की संभावना है। नागरिक उड्डयन सचिव राजीव बंसल ने बुधवार को बताया कि हवाई सेवाओं के क्षेत्र में काफी अवसर हैं और निजी क्षेत्र से ही अगले पांच साल में 68 हजार करोड़ का निवेश आ सकता है।
बंसल के अनुसार, महामारी से बुरी तरह प्रभावित विमानन उद्योग में अब तेजी से सुधार भी आ रहा है। घरेलू और विदेशी उड़ानों को दोबारा शुरू किया जा रहा, जिससे हवाई यात्रियों की रोजाना संख्या चार लाख पहुंच गई है। यह कोविड पूर्व स्तर के लगभग समान है। सचिव ने कहा कि हवाईअड्डे के विकास में आने वाले कुल निवेश में से 22 हजार करोड़ रुपये भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण लगाएगा। सरकार की मंशा अगले पांच साल में 220 हवाईअड्डों का परिचालन करने की है। अभी यह संख्या 136 है।
भारत में नंबर वन बनने की क्षमता : सिंधिया
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दावा किया है कि अगले एक दशक में भारत हवाई सेवा क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंच सकता है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम में उन्होंने कहा, हमने सात साल में 62 नए हवाईअड्डों का निर्माण किया है। 2025 तक 84 और बनेंगे। साथ ही कोलकाता में देश का दूसरा एयरोडोम बनाया जाएगा, जहां सभी तरह के विमानों की आवाजाही होगी।
निजी एजेंसियों को मिल सकती है हवाईअड्डों की सुरक्षा
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाईअड्डों पर गैर प्रमुख क्षेत्रों में सुरक्षा का जिम्मा निजी एजेंसियों को सौंपने का सुझाव दिया है। सचिव ने कहा, यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कुछ क्षेत्रों की सुरक्षा निजी एजेंसियों को देने पर विचार कर रहे हैं। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 3,000 अतिरिक्त जवानों को भी तैनात करेंगे। अभी सीआईएसएफ के करीब 30 हजार जवान हवाईअड्डों की सुरक्षा में लगे हैं।