आईटी पेशेवरों के लिए बड़ी खबर है एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी सेक्टर में 3.6 लाख भर्तियां की जाएंगी। एक हालिया रिपोर्ट की मानें तो कंपनियां चालू वित्त में वर्ष में बड़ी संख्या में फ्रेशर्स की नियुक्ति की योजना बना रही हैं।
नौकरी छोड़ने की दर बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में नौकरी छोड़ने की दर में तेज इजाफा देखने को मिला है। आईटी सेक्टर में तीसरी तिमाही (अक्तूबर-दिसंबर) में नौकरी छोड़ने की दर 22.3 फीसदी रही, जो कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में यह 19.5 फीसदी थी। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में यह दर 22 से 24 फीसदी तक रह सकती है। चिंता की बात ये है कि आईटी सेक्टर में वेतन में लगातार बढ़ोतरी जारी है, जबकि एट्रिशन रेट में गिरावट नहीं आ रही है।
रेवेन्यू में होगी बड़ी बढ़ोतरी
इसमें कहा गया कि कोरोना के प्रकोप के बावजूद आईटी सेक्टर में तेजी देखने को मिल रही है। यानी इस सेक्टर पर महामारी का खास असर नहीं दिख रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल रेवेन्यू में भी भारी उछाल आएगा और कंपनियां बड़े पैमाने पर भर्तियां करेंगी। उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में आईटी सेक्टर के लिए रेवेन्यू ग्रोथ 19 से 21 फीसदी के बीच होगा, जो इसके इतिहास में सबसे ज्यादा होगा। इसमें कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023-24 तक यह बढ़त बरकरार रहेगी।
छह कंपनियों में सबसे ज्यादा भर्ती
पिछले दिनों जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि शीर्ष छह आईटी फर्मों ने वित्त वर्ष 2022 में 2.15 लाख स्नातकों को फेशर्स के तौर पर कंपनी में नियुक्त किया है, पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह आंकड़ा महज 99,000 से थोड़ा अधिक था। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले साल के लिए कॉग्निजेंट, एचसीएल टेक, विप्रो और टेक महिंद्रा मिलकर 1.4 लाख फ्रेशर्स को हायर करने की तैयारी कर रही हैं।
भारतीय आईटी बाजार बढ़ेगा
भारतीय आईटी सेवा बाजार के 230 अरब डॉलर से 240 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। जो मुख्य रूप से शीर्ष 15 से 20 भारतीय आईटी कंपनियों की वृद्धि से प्रेरित है। नैसकॉम की हालिया रिपोर्ट में भी कहा गया था कि अगला वित्त वर्ष भी आईटी सेक्टर के लिए शानदार रहने की उम्मीद है। अगले साल भी डिजिटल डिमांड बनी रहेगी जिसके कारण इस सेक्टर का तेजी से ग्रोथ होगा। 2026 तक इस इंडस्ट्री का आकार 350 बिलियन डॉलर का हो जाएगा।