जेपी मॉर्गन के जेमी डिमन ने चेतावनी दी है कि दुनिया दशकों में सबसे खतरनाक समय का सामना कर रही है। इसके अलावा, महंगाई, उच्च ब्याज दरें, कम निवेश व भू-राजनीतिक तनाव के कारण दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे भी उम्मीदों से कम रहे।
वैश्विक संकट और ग्राहकों के विवेकाधीन खर्च में कटौती से भारतीय आईटी उद्योग की कैंपस भर्ती में इस साल काफी कमी आने की आशंका है। बाजार के जानकारों का कहना है कि इन्फोसिस व एचसीएल टेक की भर्तियों में सुस्ती आने वाले वक्त में फ्रेशर्स के लिए नौकरी पाने की राह कठिन बना सकती है।
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जेपी मॉर्गन के जेमी डिमन ने चेतावनी दी है कि दुनिया दशकों में सबसे खतरनाक समय का सामना कर रही है। इसके अलावा, महंगाई, उच्च ब्याज दरें, कम निवेश व भू-राजनीतिक तनाव के कारण दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे भी उम्मीदों से कम रहे।
वैश्विक वृद्धि में कमी से भी चिंताएं बढ़ी हैं। उधर, दूसरी तिमाही के नतीजों के मुताबिक, आईटी क्षेत्र की दिग्गज टीसीएस, इन्फोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के कर्मचारियों की संख्या में क्रमिक आधार पर कुल 15,800 की भारी गिरावट हुई।
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तीनों दिग्गज कंपनियों में जारी है छंटनी
देश की तीनों दिग्गज आईटी कंपनियों में छंटनी लगातार जारी है। 30 सितंबर, 2023 तक इन्फोसिस के कर्मचारियों की संख्या तिमाही आधार पर 7,530 घटकर 3,28,764 रही। टीसीएस के कर्मचारियों की संख्या सितंबर अंत में 6,000 घटकर 6,08,985 रह गई। हालांकि, वह चालू वित्त वर्ष में 40,000 फ्रेशर्स की भर्ती करेगी। एचसीएल टेक का कुल कर्मचारी आधार सितंबर अंत में तिमाही आधार पर 2,299 घटकर 2,21,139 रह गया।