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सीमा पर तनातनी के बीच भारत ने चीन से जमकर आयात किए इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर हार्डवेयर आइटम्स

Sat, 17 Jul 2021 05:59 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2021 में चीनी आयात की हिस्सेदारी 40.5 फीसदी रही जो वर्ष 2020 में 37.2 फीसदी और 2019 में 36.9 फीसदी थी। 2021 में देश के कुल निर्यात में चीन की हिस्सेदारी 16.53 फीसदी रही, जो 12 साल में सबसे अधिक है...
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आयात - फोटो : pixabay
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विस्तार
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नरेंद्र मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत पर जोर और सीमा पर चीन के साथ तनातनी के बाद चीनी सामान के बहिष्कार के बाद भी चीन से आयात पर भारत की निर्भरता बढ़ी है। तमाम विवादों के बाद भी चीन, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। इस वर्ष अप्रैल में चीन से 65.1 लाख डॉलर का सामान आयात हुआ, जो पिछले साल अप्रैल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा था। हालांकि आयात में 114 फीसदी इजाफे की एक वजह पिछले साल लॉकडाउन के बीच बहुत कम आयात को भी माना जा सकता है। मगर इस वर्ष इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जे, कंप्यूटर हार्डवेयर और दूरसंचार के उपकरणों के आयात में तेजी देखी गई है।

विरोध के बावजूद कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं का आयात बढ़ा

2021 में चीनी आयात की हिस्सेदारी 40.5 फीसदी रही जो वर्ष 2020 में 37.2 फीसदी और 2019 में 36.9 फीसदी थी। 2021 में देश के कुल निर्यात में चीन की हिस्सेदारी 16.53 फीसदी रही, जो 12 साल में सबसे अधिक है। हालांकि चीन के 2020-21 में व्यापार घाटा 44.11 अरब डॉलर रह गया। देश के कुल व्यापार घाटे में चीन की हिस्सेदारी 43 फीसदी है, जो चार साल में सबसे अधिक है।  

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भारत मुख्य रूप से चीन से इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे, दूरसंचार उपकरण, कार्बनिक रसायन, कंप्यूटर हार्डवेयर, डेयरी के लिए औद्योगिक उपकरण, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक के लिए कच्चा माल आदि मंगाता है। चीन निर्मित वस्तुओं के विरोध के बावजूद कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं के आयात में इजाफा हुआ है। इस साल अप्रैल में भारत के बाजार में चीन निर्मित वैक्यूम क्लीनर, रेफ्रिजरेटर, माइक्रोवेव जैसे उत्पादों की हिस्सेदारी पिछले अप्रैल के मुकाबले बढ़ी हुई नजर आ रही है।

साल दर साल बढ़ रहा है आयात

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में अप्रैल में इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों की कुल जरूरत का 40.71 फीसदी हिस्सा चीन से आयात कर पूरा किया। जबकि पिछले वर्ष ये हिस्सा 33.54 फीसदी था। 2019 में ये आंकड़ा 33.82 फीसदी और 2018 में ये 33.90 फीसदी था। जबकि अप्रैल में भारत में आयात होने वाले करीब 63 फीसदी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद चीन से आए। पिछले साल अप्रैल में इसमें चीन की हिस्सेदारी महज 26 फीसदी थी। 2020-21 में इसकी हिस्सेदारी 52.3 फीसदी बढ़ी, जो 2019-20 में 44 फीसदी थी।

पिछले साल देश में आयात होने वाले कंप्यूटर हार्डवेयर में आधे से ज्यादा चीन से आए थे। अप्रैल 2021 में कंप्यूटर हार्डवेयर के कुल आयात में चीन की हिस्सेदारी 55 फीसदी रही। जबकि वर्ष 2020 में इसकी हिस्सेदारी 46.4 फीसदी थी। इसी तरह 2020-21 में देश में कुल दूरसंचार उपकरणों के आयात में चीन की हिस्सेदारी 43.5 फीसदी रही, जो इससे पिछले साल 39 फीसदी थी। इस साल अप्रैल में चीन से दूरसंचार उपकरणों का आयात बढ़कर 47.3 फीसदी हो गया।

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