एनएसओ के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Survey, PLFS) के अनुसार, साल 2023 के जुलाई-सितंबर तिमाही में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर हिमाचल और राजस्थान में रही। इस सर्वेक्षण शहरों में 15 से 29 वर्ष के बेरोजगारों पर किया गया था। इसके अनुसार हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक 33.9 प्रतिशत बेरोजगारी दर देखी गई। इस मामले में दूसरे नंबर पर राजस्थान रहा जहां बेरोजेगारी दर 30.2 प्रतिशत रही।
रोजगार उपलब्ध नहीं होने से महिलाएं ज्यादा प्रभावित
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) के पीएलएफएस आंकड़ों से यह भी पता चला है कि हिमाचल प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 15-29 आयु वर्ग के बीच बेरोजगारी दर इस वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में महिलाओं के बीच 49.2 प्रतिशत रही, जबकि पुरुषों के बीच यह 25.3 प्रतिशत थी।
राजस्थान की बात करें तो शहरी क्षेत्रों में महिलाओं में बेरोजगारी दर जुलाई-सितंबर तिमाही में 39.4 प्रतिशत रही, जबकि पुरुषों के मामले में यह 27.2 प्रतिशत था। जम्मू-कश्मीर के शहरी क्षेत्रों में 15-29 आयु वर्ग में बेरोजगारी की उच्च दर 29.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के बीच बेरोजगारी दर 51.8 प्रतिशत
जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के बीच बेरोजगारी दर 51.8 प्रतिशत थी, जबकि शहरों में इस अवधि में पुरुषों के बीच बेरोजगारी 19.8 प्रतिशत थी। आंकड़ों से पता चलता है कि शहरों में 15-29 आयु वर्ग में देश में कुल बेरोजगारी 17.3 प्रतिशत थी। जुलाई-सितंबर 2023 की तिमाही में देश के शहरी क्षेत्रों में कुल बेरोजगारी दर 22.9 प्रतिशत रही। महिलाओं के बेरोजगारी की बात करें तो यह दर 15.5 प्रतिशत रही।
22 राज्यों में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार सबसे कम बेरोजगारी दर गुजरात में
22 राज्यों में किए गए सर्वेक्षण से पता चला है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में 15-29 आयु वर्ग के व्यक्तियों के बीच सबसे कम बेरोजगारी दर गुजरात में 7.1 प्रतिशत रही, इसके बाद दिल्ली में यह बेरोजगारी दर 8.4 प्रतिशत थी।
सर्वेक्षण में बेरोजगारी या बेरोजगारी दर देश के कुल श्रम बल में बेरोजगार लोगों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित की गई है। एनएसएसओ ने अप्रैल 2017 में पीएलएफएस की शुरुआत की थी। सितंबर 2023 को समाप्त होने वाली तिमाही के आंकड़ों के साथ इसकी 20वीं किस्त जारी की गई है।