घरेलू खपत व वस्तुओं के आयात में वृद्धि से जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) संग्रह अगस्त, 2024 में सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, मासिक आधार पर जीएसटी के रूप में सरकार की कमाई में गिरावट आई है। जुलाई, 2024 में जीएसटी संग्रह 1.82 लाख करोड़ रुपये और अगस्त, 2023 में 1.59 लाख करोड़ रहा था। सरकार को अप्रैल, 2024 में जीएसटी के रूप में अब तक की सर्वाधिक 2.10 लाख करोड़ की कमाई हुई थी।
सरकार की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1,74,962 करोड़ रुपये के कुल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) की हिस्सेदारी 30,862 करोड़ रुपये रही। इसके अलावा, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) का 38,411 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) का 44,593 करोड़ और सेस का 11,120 करोड़ रुपये का योगदान रहा।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने खपत बढ़ने से घरेलू राजस्व 9.2 फीसदी बढ़कर करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। अगस्त, 2023 में यह आंकड़ा 1.14 लाख करोड़ रुपये रहा था। वस्तुओं के आयात से सकल जीएसटी राजस्व 12.1 फीसदी बढ़कर 49,976 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 44,566 करोड़ रुपये रहा था।
182075 करोड़ रुपये रही थी सकल जीएसटी वसूली जुलाई, 2024 में
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक रिफंड के बाद शुद्ध राजस्व में 6.5 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त में 24,460 करोड़ के रिफंड जारी किए गए, जो सालाना आधार पर 38 फीसदी अधिक है। रिफंड समायोजन के बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व 6.5% बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये रहा।
जीडीपी मजबूत, त्योहारी सीजन में बढ़ेगी खपत
डेलॉय इंडिया के पार्टनर एमएस मणि ने कहा, इस साल के त्योहारी सीजन की शुरुआत में जीएसटी संग्रह में सालाना आधार पर 10 फीसदी की बढ़ोतरी से यह संकेत मिलता है कि घरेलू खपत मजबूत है। आने वाले त्योहारी महीनों में इसमें और सुधार होने की उम्मीद है। मणि ने कहा, यह भरोसा बढ़ेगा कि साल के लिए जीएसटी संग्रह के लक्ष्य हासिल हो जाएंगे। हालांकि, प्रमुख राज्यों में जीएसटी संग्रह वृद्धि में कुछ अंतर हैं, जिन पर विचार की जरूरत है। ईवाई टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा, सकल जीएसटी संग्रह में लगातार वृद्धि यह बताती है कि अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है।